जबलपुर। रेल कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और सुविधाओं में सुधार के लिए वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ ने आठवें वेतन आयोग के सामने 14 मांगें रखी हैं। इनमें कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 69 हजार रुपये प्रतिमाह करने, हर साल वेतन में 6 प्रतिशत बढ़ोतरी और नौकरी के दौरान कम से कम पांच बार पदोन्नति देने की मांग प्रमुख है।
संघ के महामंत्री अशोक शर्मा ने डॉ. एम. राघवैया के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल के साथ 30 अक्टूबर 2026 को आयोग को मांग-पत्र सौंपा। संघ के प्रवक्ता सतीश कुमार ने बताया कि इन मांगों में कर्मचारियों के वेतन, पेंशन, भत्ते और काम करने की सुविधाओं से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
वेतन और पेंशन बढ़ाने की मांग
संघ ने मांग की है कि कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 69 हजार रुपये किया जाए और फिटमेंट फैक्टर 3.833 रखा जाए। अभी मिलने वाली 3 प्रतिशत सालाना वेतन वृद्धि को बढ़ाकर 6 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया गया है। साथ ही कर्मचारियों को कम से कम 10 हजार रुपये का अतिरिक्त वित्तीय लाभ देने की मांग की गई है।
पेंशन के मामले में अंतिम वेतन का 67 प्रतिशत पेंशन और 50 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन देने की मांग रखी गई है। पेंशन की रकम का एक हिस्सा लेने के बाद उसकी कटौती 15 साल की जगह 11 साल में पूरी करने का सुझाव दिया गया है।
इसके अलावा महंगाई भत्ता 25 प्रतिशत होने पर उसे मूल वेतन में जोड़ने और बंद किए गए भत्तों को फिर से शुरू करने की मांग की गई है।
रेलवे कर्मचारियों की पदोन्नति पर जोर
संघ ने लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर को ग्रेड पे 4800 तक पदोन्नति देने की मांग की है। टिकट चेकिंग स्टाफ को भी रनिंग कैडर में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है।
पॉइंट्समैन को बेहतर सुरक्षा उपकरण देने और सिग्नल विभाग के कर्मचारियों की आठ घंटे की ड्यूटी के बाद दूसरे कर्मचारी की व्यवस्था करने की मांग की गई है। साथ ही जोखिम भरे काम करने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त भत्ता देने की बात कही गई है।
रेलवे कॉलोनियों और रनिंग रूम में सुविधाएं बढ़ाने की मांग
रेलवे कर्मचारियों की कॉलोनियों में साफ पानी, सफाई, सुरक्षा, खेल मैदान और जिम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है। लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर के आराम करने वाले कमरों में अच्छा भोजन और बेहतर सुविधाएं देने का सुझाव भी दिया गया है।
संघ ने कहा कि 20 साल की नौकरी पूरी करने वाले कर्मचारियों के लंबित स्थानांतरण आवेदनों पर एचआरएमएस पोर्टल से अपने आप एनओसी जारी करने की व्यवस्था होनी चाहिए।
भर्ती और पदोन्नति को लेकर दी जानकारी
संघ के अनुसार, रेलवे में 1600 ग्रुप डी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके अलावा जीडीसीई और एलडीसीई परीक्षाओं की सूचना दिसंबर में जारी करने की तैयारी है। वर्ष 2025 में बड़ी संख्या में कर्मचारियों को पदोन्नति मिली थी। दिसंबर 2025 में ही 800 से अधिक कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई।
बच्चों की पढ़ाई और इलाज की सुविधाएं बढ़ाने की मांग
रेलवे कर्मचारियों के बच्चों को अभी 12वीं कक्षा तक मिलने वाली शिक्षा सहायता को बढ़ाकर कॉलेज और स्नातकोत्तर की पढ़ाई तक देने की मांग की गई है। कर्मचारियों के माता-पिता को भी पास और पीटीओ की सुविधा देने का प्रस्ताव रखा गया है।
रेलवे अस्पतालों में स्थायी डॉक्टरों की नियुक्ति और पर्याप्त स्वास्थ्य कर्मचारियों की तैनाती की मांग भी उठाई गई है। महिला ट्रैक मेंटेनर्स और महिला रनिंग स्टाफ को काम में होने वाली परेशानियों को देखते हुए दूसरे विभागों में काम करने का विकल्प देने की बात कही गई है।
संघ का कहना है कि इन मांगों का उद्देश्य रेल कर्मचारियों को बेहतर वेतन, समय पर पदोन्नति, सुरक्षित कामकाज और परिवार के लिए अच्छी सुविधाएं दिलाना है।
