जबलपुर। पनागर थाना क्षेत्र में सूने मकान का ताला तोड़कर करीब 45 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर चोरी करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर करीब 30 तोला सोने के जेवर समेत चांदी के आभूषण और चोरी में इस्तेमाल किया गया ऑटो बरामद किया गया है।
परिवार को ट्रेन में बैठाने गया था फरियादी
पनागर पुलिस के अनुसार ग्राम लमती निवासी गगन शर्मा ने 13 सितंबर को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि 11 सितंबर की रात करीब 10:30 बजे वह अपनी पत्नी और बच्चों को इंदौर जाने वाली ट्रेन में बैठाने के लिए जबलपुर रेलवे स्टेशन गया था। इसके बाद वह कृषि उपज मंडी के पास स्थित अपने माता-पिता के फ्लैट में रुक गया था।
अगली सुबह करीब 10 बजे उसके पड़ोसी राजेंद्र सोनी का फोन आया था। घर के सामने लगे शटर के ताले का कुंदा टूटा हुआ था। सूचना मिलने के बाद गगन शर्मा घर पहुंचा था। सामने के शटर का कुंदा टूटा हुआ था। अंदर जाने पर रसोई के पास लगे ग्रिल गेट का कुंदा भी टूटा मिला था।
अलमारी के ताले टूटे मिले थे
घर के अंदर दोनों अलमारियों के लॉक टूटे हुए थे और सामान बिखरा पड़ा था। अलमारी में रखे सोने के मंगलसूत्र, चूड़ियां, हार, झुमके, टॉप्स, अंगूठियां, चेन, लॉकेट, ब्रेसलेट, हाथफूल और अन्य जेवर गायब थे। चांदी के आभूषण भी चोरी हुए थे।
गगन शर्मा की शिकायत पर पनागर पुलिस ने धारा 331(4), 305(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
सीसीटीवी से संदिग्ध ऑटो का मिला सुराग
घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई थी। पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध जितेंद्र सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक अधारताल राजेश्वरी कौरव के मार्गदर्शन में फिंगर प्रिंट विशेषज्ञ, डॉग स्क्वॉड और साइबर सेल की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था।
थाना प्रभारी पनागर विपिन सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले थे। जांच के दौरान पनागर से जबलपुर मुख्य मार्ग पर एक नीले रंग का ऑटो संदिग्ध हालत में दिखाई दिया था। फुटेज में ऑटो रात करीब 1:04 बजे गगन शर्मा के घर के सामने रुकता हुआ नजर आया था।
ऑटो के आधार पर आरोपी तक पहुंची पुलिस
ऑटो पर लगे गोल्ड लोन के विज्ञापन के आधार पर पुलिस ने उसकी जानकारी जुटाई थी। जांच में पता चला था कि ग्राम केवलारी निवासी आशीष चौबे उस ऑटो को चलाता था। पुलिस ने उसके घर दबिश दी थी, लेकिन आशीष चौबे और उसका भाई अभिषेक चौबे घर पर नहीं मिले थे।
पुलिस को जानकारी मिली थी कि आशीष गोटेगांव और अभिषेक बिहार में था। अभिषेक के बिहार से लौटने की सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया था। पूछताछ के दौरान वह पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा था। सघन पूछताछ के बाद उसने चोरी की वारदात में शामिल होना स्वीकार किया था।
चोरी के जेवर घर में छिपाकर रखे थे
पुलिस ने आशीष चौबे की पत्नी ज्योति से भी पूछताछ की थी। पूछताछ में उसने बताया था कि चोरी किए गए जेवरों में से एक-एक चेन आशीष और अभिषेक ने अपने पास रख ली थी। बाकी सोने और चांदी के जेवर एक थैले में छिपाकर घर में रखे गए थे।
ज्योति ने पुलिस को बताया था कि चोरी के जेवर उसके पति आशीष चौबे ने घर लाकर दिए थे।
अस्पताल से भी फरार हो गया था आरोपी
पुलिस के अनुसार आशीष चौबे घटना के बाद पैर में दर्द और चोट होने की बात कहकर स्वास्तिक अस्पताल में भर्ती हुआ था। पुलिस जब अस्पताल पहुंची थी, तब तक वह वहां से फरार हो गया था। इसके बाद उसकी तलाश के लिए मुखबिरों को लगाया गया था।
तलाश के दौरान पुलिस को सूचना मिली थी कि आशीष अपनी बहन के घर आता-जाता है। सूचना के आधार पर पुलिस ने दबिश देकर उसे भी गिरफ्तार कर लिया था।
नशे का आदी होने की बात बताई
पूछताछ में आशीष ने पुलिस को बताया था कि वह नशे का आदी था। उसने बताया कि घर में किसी के नहीं होने की जानकारी मिलने के बाद वह अपने भाई अभिषेक के साथ ऑटो से वहां पहुंचा था और दोनों ने मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था।
आरोपी ने यह भी बताया था कि घटना के बाद चोरी का सामान लेकर दोनों ऑटो से निकले थे। ऑटो का हूड बाद में निकाल दिया गया था।
45 लाख के जेवर और सामान बरामद
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने सोने का मंगलसूत्र, हार, चेन, झुमके, कान की बालियां, टॉप्स, हाथफूल, ब्रेसलेट, लॉकेट, अंगूठियां, नाक की लौंग सहित कई जेवर बरामद किए थे। इसके अलावा चांदी की पायल, बिछिया, सिक्का, गणेश प्रतिमा, मूंगा माला और अन्य सामान भी मिला था।
पुलिस के अनुसार बरामद सोने के जेवरों का वजन करीब 30 तोला था और इनकी अनुमानित कीमत करीब 45 लाख रुपये थी। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल ऑटो, सब्बल और ऑटो का हूड भी जब्त किया था। मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की जांच की जा रही थी।