जबलपुर। मध्य प्रदेश शासन ने जमीन और मकान की रजिस्ट्री प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एनीवेयर रजिस्ट्री प्रणाली लागू की है। इस व्यवस्था के तहत अब लोगों को संपत्ति जिस जिले में स्थित है, वहां जाकर ही दस्तावेजों का पंजीयन कराने की बाध्यता नहीं रहेगी। वरिष्ठ जिला पंजीयक डॉक्टर पवन अहिरवार के अनुसार, पात्र पक्षकार अपने वर्तमान निवास वाले शहर के उप पंजीयक कार्यालय से भी संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों का पंजीयन करा सकेंगे।
संपत्ति वाले जिले में जाने की जरूरत नहीं
पहले किसी व्यक्ति की जमीन या मकान दूसरे जिले में होने पर रजिस्ट्री और अन्य दस्तावेजों के लिए संबंधित जिले या तहसील के पंजीयन कार्यालय जाना पड़ता था। इससे लोगों को आने-जाने में समय और पैसा खर्च करना पड़ता था।
नई व्यवस्था में यह प्रक्रिया ऑनलाइन सत्यापन के माध्यम से पूरी की जा सकेगी। यानी व्यक्ति अपने वर्तमान निवास के नजदीकी उप पंजीयक कार्यालय में पहुंचकर दूसरे जिले में स्थित संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों का पंजीयन करा सकता है।
खरीद-बिक्री से लेकर दानपत्र तक सुविधा
एनीवेयर रजिस्ट्री व्यवस्था का लाभ संपत्ति के अलग-अलग तरह के दस्तावेजों के पंजीयन में मिलेगा। इसमें विक्रय पत्र, दानपत्र, पारिवारिक बंटवारा और अनुबंध से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं। इससे खास तौर पर उन लोगों को राहत मिलेगी, जिनकी पैतृक या अन्य संपत्ति किसी दूसरे जिले में है।
नौकरीपेशा और कारोबारियों को भी राहत
नई व्यवस्था से नौकरी करने वाले लोगों और कारोबारियों का समय बचेगा। पहले रजिस्ट्री के लिए दूसरे शहर या जिले की यात्रा करनी पड़ती थी और कई बार काम से छुट्टी भी लेनी पड़ती थी। अब नजदीकी पंजीयन कार्यालय में प्रक्रिया पूरी होने से उन्हें लंबी यात्रा से राहत मिलेगी।
वरिष्ठ नागरिकों और ऐसे लोगों के लिए भी यह व्यवस्था उपयोगी होगी, जिन्हें लंबी दूरी की यात्रा करने में परेशानी होती है। इससे पंजीयन प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक और समय बचाने वाला बनाने में मदद मिलेगी।