जबलपुर। बरगी बांध का जलस्तर नियंत्रित करने के लिए शुक्रवार 25 सितंबर की शाम 6 बजे बांध के जल द्वार खोले जाएंगे। इन जल द्वारों से करीब 780 क्यूमेक पानी छोड़ा जाएगा। बांध प्रशासन ने नर्मदा नदी के निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से घाटों और नदी के तटीय हिस्सों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है।
बांध में 101 प्रतिशत से अधिक जल भंडारण
शुक्रवार दोपहर 3 बजे बरगी बांध का जलस्तर 422.90 मीटर दर्ज किया गया। बांध की वास्तविक उपयोगी जल भंडारण क्षमता 3180 एमसीएम है, जबकि वर्तमान में इसमें 3217 एमसीएम पानी भंडारित है। यह क्षमता का 101.16 प्रतिशत है। इस समय बांध में करीब 763 क्यूमेक पानी की आवक हो रही है।
नर्मदा घाटों पर बढ़ेगा जलस्तर
रानी अवंति बाई लोधी सागर परियोजना के जलभराव क्षेत्र में हो रही बारिश और मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए बांध के जलस्तर को नियंत्रित करने का निर्णय लिया गया है। शाम 6 बजे जल द्वारों से 780 क्यूमेक पानी छोड़े जाने के बाद नर्मदा नदी के घाटों पर जलस्तर करीब 3 से 4 फीट तक बढ़ने की संभावना है।
आवक के अनुसार बदली जा सकती है पानी छोड़ने की मात्रा
परियोजना प्रशासन के अनुसार बांध में पानी की आवक की स्थिति को देखते हुए जल निकासी की मात्रा में जरूरत के अनुसार कभी भी कमी या बढ़ोतरी की जा सकती है। इसलिए नर्मदा के जलस्तर में बदलाव की संभावना बनी रहेगी।
निचले इलाकों के लोगों से सावधानी की अपील
बरगी बांध प्रशासन ने निचले क्षेत्र में रहने वाले लोगों से नर्मदा के घाटों और तटीय क्षेत्रों से पर्याप्त दूरी बनाए रखने को कहा है। प्रशासन ने लोगों से जल द्वार खोले जाने के बाद नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की है।