जबलपुर। अमृत योजना 2.0 के तहत हर घर नर्मदा जल पहुंचाने के लिए गौरीघाट से रांझी तक पाइपलाइन बिछाई जा रही है। इसके लिए कांचघर से स्टेशन रोड तक सड़क खोदी गई थी। पाइपलाइन का काम पूरा होने के बाद सड़क की ठीक से मरम्मत नहीं की गई, जिससे बारिश में यह सड़क पूरी तरह खराब हो गई है।
सबसे ज्यादा परेशानी रेलवे पुल नंबर एक से कांचघर के बीच हो रही है। सड़क पर कीचड़, गड्ढे और पानी जमा होने से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। वाहन चालकों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने बारिश शुरू होने से पहले पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों को ठीक करने के निर्देश दिए थे। लेकिन सड़क की सही तरीके से मरम्मत नहीं की गई। ठेकेदार ने केवल गड्ढों में मुरम और गिट्टी डालकर काम पूरा कर दिया। बारिश शुरू होते ही मुरम और मिट्टी बह गई और सड़क फिर से खराब हो गई।
स्टेशन जाने वालों को लगाना पड़ रहा लंबा चक्कर
कांचघर-स्टेशन रोड की हालत इतनी खराब हो गई है कि रेलवे स्टेशन और सिविल लाइन की ओर जाने वाले कई लोग सीधे रास्ते से जाने के बजाय घमापुर होकर लंबा रास्ता तय कर रहे हैं। इससे लोगों का समय भी खराब हो रहा है और वाहन में ज्यादा ईंधन खर्च हो रहा है।
कीचड़ और गड्ढों से वाहन चालकों की परेशानी
सड़क पर जगह-जगह कीचड़ और पानी जमा है। कई जगह सड़क ऊबड़-खाबड़ हो गई है, जिससे वाहन चालकों को झटके लग रहे हैं और वाहनों के खराब होने का खतरा बना हुआ है।
जलभराव के कारण सड़क के गड्ढे दिखाई नहीं देते। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने और दुर्घटना होने का खतरा बढ़ गया है। लोग मजबूरी में बहुत धीमी गति से वाहन चला रहे हैं।
रात में बढ़ जाता है हादसे का खतरा
कांचघर से स्टेशन की ओर जाने वाला यह शहर का व्यस्त मार्ग है। रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों के साथ ही फैक्ट्रियों में काम करने वाले कर्मचारी भी बड़ी संख्या में इस सड़क का उपयोग करते हैं।
रात के समय सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने और कीचड़ व पानी जमा रहने के कारण हादसे की आशंका और बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पाइपलाइन का काम पूरा होने के बाद सड़क को जल्द से जल्द सही तरीके से बनाया जाए, ताकि लोगों को इस परेशानी से राहत मिल सके।