जबलपुर। मध्यप्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन के महामंत्री राकेश डी.पी. पाठक ने ऊर्जा विभाग द्वारा संविदा आधार पर कार्यरत अनुकंपा आश्रित कर्मचारियों को नियमित नियुक्ति देने के लिए जारी आदेश पर गंभीर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि आदेश में कई विसंगतियां हैं, जिनके कारण वर्षों से नियमित नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा।
आदेश में संशोधन की मांग
राकेश डी.पी. पाठक ने कहा कि यदि आदेश में मौजूद विसंगतियों को दूर नहीं किया गया तो नियमितीकरण का उद्देश्य पूरा नहीं हो सकेगा। उन्होंने कहा कि आदेश कर्मचारियों के हित में है, लेकिन वर्तमान स्वरूप में कई संविदा अनुकंपा कर्मचारी नियमित नियुक्ति से वंचित रह सकते हैं।
राज्य शासन के समान नियम लागू करने की मांग
फेडरेशन का कहना है कि मध्यप्रदेश ऊर्जा विभाग के अधीन सभी बिजली कंपनियों में राज्य शासन के नीति-नियम, कानून और आदेश लागू होते हैं। ऐसे में अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े मामलों में भी वही प्रावधान लागू किए जाने चाहिए, जो राज्य शासन अपने कर्मचारियों को उपलब्ध करा रहा है।
सीपीसीटी परीक्षा में राहत देने की मांग
कर्मचारी संघ ने बताया कि राज्य शासन अपने अनुकंपा नियुक्त कर्मचारियों को नियमित नियुक्ति के साथ सीपीसीटी परीक्षा पास करने के लिए तीन वर्ष का समय देता है, जबकि बिजली कंपनियों में यह सुविधा नहीं दी जा रही है। इससे कर्मचारियों में असुरक्षा और निराशा की भावना बढ़ रही है।
वरिष्ठता का लाभ भी देने की मांग
फेडरेशन ने मांग की है कि संविदा अनुकंपा कर्मचारियों को नियमित नियुक्ति के साथ मूल नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता का लाभ भी दिया जाए, ताकि उनके साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो।
सरकार से जल्द निर्णय की अपेक्षा
मध्यप्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन ने ऊर्जा विभाग से आदेश में आवश्यक संशोधन कर कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। उनका कहना है कि इससे हजारों संविदा अनुकंपा कर्मचारियों को वास्तविक लाभ मिल सकेगा और लंबे समय से चली आ रही उनकी समस्या का समाधान होगा।