जबलपुर। पाटन क्षेत्र के ग्राम आरछा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में मध्यान्ह भोजन संचालन करने वाले मां अंबे स्व-सहायता समूह में कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता रमन पटेल ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया है कि समूह की अध्यक्ष कुसुम बाई पटेल को बिना बैठक किए और फर्जी हस्ताक्षर कर पद से हटा दिया गया। उनकी जगह सचिव मालती बर्मन की बहू नेहा बर्मन को अध्यक्ष बना दिया गया।
शिकायत के अनुसार समूह में अध्यक्ष बदलने की पूरी प्रक्रिया शासन के निर्धारित नियमों के विपरीत की गई। आरोप है कि न तो समूह की बैठक बुलाई गई और न ही सदस्यों की सहमति ली गई। इसके बावजूद दस्तावेजों में बदलाव कर अध्यक्ष पद पर नई नियुक्ति दर्शा दी गई।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में कुछ विभागीय अधिकारियों की भी मिलीभगत हो सकती है। उनका कहना है कि बिना अधिकारियों के सहयोग के इस तरह के दस्तावेजी बदलाव संभव नहीं हैं। इसी वजह से मामले की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पाटन के बीआरसी सतेंद्र सिंह उरेती ने जांच शुरू करने की बात कही है। उन्होंने बताया कि समूह से जुड़े दस्तावेजों और हस्ताक्षरों की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि मध्यान्ह भोजन जैसी महत्वपूर्ण योजना में अनियमितता बच्चों के हितों के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल शिक्षा विभाग पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।