akhbaar update

एफसीआई के चावल की सप्लाई में बड़ा खेल! एथनॉल प्लांट पहुंचने से पहले गायब हुआ स्टॉक



जबलपुर। एथनॉल उत्पादन के लिए भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा आवंटित चावल की सप्लाई में जबलपुर में बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आने का दावा किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार शहपुरा स्थित वेयरहाउस से एथनॉल प्लांट के लिए उठाया गया हजारों मीट्रिक टन चावल निर्धारित गंतव्य तक नहीं पहुंचा। आरोप है कि रास्ते में ही बड़ी मात्रा में चावल को दूसरे स्थानों पर खपा दिया गया। इस पूरे मामले में कुछ राइस मिलरों, ट्रांसपोर्टरों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में बताई जा रही है।

जानकारी के मुताबिक एफसीआई ने एथनॉल उत्पादन के लिए शहपुरा वेयरहाउस से बड़ी मात्रा में चावल आवंटित किया था, जिसे सीधे संबंधित प्लांट तक पहुंचाया जाना था। हालांकि सूत्रों का दावा है कि पूरा स्टॉक प्लांट तक नहीं पहुंचा और परिवहन के दौरान ही उसका बड़ा हिस्सा गायब हो गया। आरोप है कि रिकॉर्ड में परिवहन पूरा दर्शाकर चावल को अन्य राइस मिलों और खुले बाजार में बेच दिया गया।

मामले में एफसीआई अधिकारियों से सवाल पूछे जाने पर उनका कहना है कि वेयरहाउस के गेट से बाहर निकलने के बाद चावल या धान की जिम्मेदारी एफसीआई की नहीं रहती। अधिकारियों के इस बयान के बाद पूरे परिवहन तंत्र और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

सूत्रों का यह भी कहना है कि वेयरहाउस से जारी गेट पास, ट्रांसपोर्ट चालान और एथनॉल प्लांट में प्राप्ति से जुड़े रिकॉर्ड में भी कथित हेरफेर किया गया। इन दस्तावेजों का मिलान और सत्यापन नहीं होने से पूरे मामले की जांच प्रभावित हुई। माना जा रहा है कि यदि इन अभिलेखों की निष्पक्ष जांच की जाए तो पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हो सकता है।

गौरतलब है कि करीब दो वर्ष पहले तत्कालीन कलेक्टर दीपक सक्सेना ने जिले में धान परिवहन से जुड़े बड़े घोटाले का खुलासा किया था, जिसमें कई राइस मिलरों और परिवहन एजेंसियों पर कार्रवाई हुई थी। अब एथनॉल प्लांट के लिए भेजे गए चावल की सप्लाई में भी उसी तरह की अनियमितताओं की आशंका जताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार इस मामले में केवल ट्रांसपोर्टर ही नहीं, बल्कि वेयरहाउस प्रबंधन, कुछ राइस मिलर और परिवहन एजेंसियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। वहीं यह भी सामने आया है कि जिन ट्रकों से चावल का परिवहन किया गया, उनमें जीपीएस सिस्टम अनिवार्य होने के बावजूद कई वाहनों में यह व्यवस्था नहीं थी।

Post a Comment

Previous Post Next Post
akhbaar update
akhbaar update
💬 WhatsApp