दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। पूरे दतिया अनुभाग में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा-163 लागू कर दी गई है। यह आदेश 10 जुलाई रात 9 बजे से अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।
अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब बिना प्रशासन की अनुमति कोई भी व्यक्ति या संगठन सभा, जुलूस, रैली या प्रदर्शन आयोजित नहीं कर सकेगा। प्रशासन का कहना है कि उपचुनाव के दौरान शांतिपूर्ण माहौल और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
आदेश के तहत सार्वजनिक स्थानों पर लाठी, तलवार, भाला, फरसा, चाकू और अन्य घातक हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही पांच या उससे अधिक लोगों के एक जगह एकत्र होने पर भी रोक लगाई गई है।
प्रशासन ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर भी सख्ती दिखाई है। ऐसे पोस्ट, पोस्टर, बैनर, भाषण या नारे, जिनसे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता हो या कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती हो, उनके प्रचार-प्रसार पर भी प्रतिबंध रहेगा। बिना अनुमति लाउडस्पीकर और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग भी नहीं किया जा सकेगा।
प्रशासन ने बताया कि 10 जुलाई की रात झांसी-ग्वालियर हाईवे पर हुए चक्का जाम के दौरान करीब 15 से 20 किलोमीटर लंबा जाम लग गया था। इस दौरान कुछ स्थानों पर वाहनों में तोड़फोड़ और पथराव की घटनाएं भी हुई थीं। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए यह प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपचुनाव के दौरान भारतीय निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन कराया जाएगा। इसके अलावा मध्यप्रदेश संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम और ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का भी पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
हालांकि यह आदेश पुलिस, होमगार्ड, सीआरपीएफ, केंद्रीय सुरक्षा बलों, प्रशासनिक अधिकारियों और न्यायिक अधिकारियों पर उनके सरकारी कर्तव्यों के दौरान लागू नहीं होगा।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने कहा कि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष उपचुनाव कराना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
धारा लागू होने के बाद दतिया में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि प्रशासन की सख्ती के बीच राजनीतिक दल और कार्यकर्ता चुनाव प्रचार और अन्य गतिविधियां किस तरह संचालित करते हैं।