इंदौर। साइबर ठगी और धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। पहले मामले में साइबर ठग ने एक व्यक्ति के बैंक खाते से यूपीआई के जरिए 99 हजार रुपये निकाल लिए। वहीं दूसरे मामले में गिरवी रखे मकान का सौदा कर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में मां-बेटे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
यूपीआई से 99 हजार रुपये की ठगी
एरोड्रम थाना क्षेत्र निवासी बलराम जोशी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 5 जुलाई की रात उनके मोबाइल पर पहले 1 रुपये का टेस्ट ट्रांजेक्शन हुआ। इसके कुछ ही मिनट बाद उनके बैंक खाते से 9,900 रुपये के 10 अलग-अलग यूपीआई ट्रांजेक्शन किए गए। इस तरह उनके खाते से कुल 99 हजार रुपये निकाल लिए गए।
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने किसी को भी भुगतान की अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद साइबर ठग ने उनके बैंक खाते तक पहुंच बनाकर पैसे ट्रांसफर कर लिए।
अगले दिन उन्होंने बैंक ऑफ बड़ौदा की कालानी नगर शाखा जाकर खाते की जानकारी ली। ट्रांजेक्शन की पुष्टि होने के बाद उन्होंने तुरंत साइबर हेल्पलाइन और पुलिस से शिकायत की।
पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बैंक खाते, यूपीआई ट्रांजेक्शन आईडी और अन्य तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस संबंधित बैंक और डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म से भी जानकारी जुटा रही है।
गिरवी मकान बेचकर लाखों की धोखाधड़ी
इंदौर के खुड़ैल थाना क्षेत्र में एक अन्य मामले में 70 वर्षीय बृजनाथ चतुर्वेदी की शिकायत पर मां-बेटे के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, अतीत श्रीवास्तव और उनकी मां रेखा श्रीवास्तव, निवासी नवा नगर (सिंगरौली), ने देवगुराड़िया स्थित विनायक टाउनशिप में एक मकान का सौदा किया था। जांच में सामने आया कि यह मकान पहले से ही गिरवी रखा गया था। इसके बावजूद आरोपियों ने मकान बेचने का सौदा कर शिकायतकर्ता के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी की।
खुड़ैल पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब दस्तावेजों की जांच कर रही है और पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने का प्रयास कर रही है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन लेनदेन करते समय पूरी सावधानी बरतें और किसी भी संपत्ति का सौदा करने से पहले उसके दस्तावेज और कानूनी स्थिति की अच्छी तरह जांच जरूर कर लें।