जबलपुर। संभाग के प्रांतीय शासकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ की बैठक में लंबे समय से लंबित प्राध्यापकों की वरिष्ठता सूची जारी करने और पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। बैठक में संघ के संरक्षक डॉ. कैलाश त्यागी, अध्यक्ष डॉ. आनंद शर्मा, संभागीय अध्यक्ष प्रो. अरुण शुक्ल, जिला अध्यक्ष डॉ. शैलेन्द्र श्रीवास्तव सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में कहा गया कि वरिष्ठता सूची जारी होने से प्राध्यापकों की पदोन्नति का रास्ता खुलेगा और प्रदेश के प्राचार्य विहीन शासकीय महाविद्यालयों में नियमित प्राचार्यों की नियुक्ति हो सकेगी। इसके अलावा वर्ष 2004-05 में नियुक्त सहायक प्राध्यापकों की समस्याओं के समाधान तथा क्रीड़ा अधिकारियों और ग्रंथपालों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने की मांग भी उठाई गई। इन मुद्दों को लेकर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने की रणनीति भी बनाई गई।
वरिष्ठता सूची जल्द जारी करने की मांग
संघ के संरक्षक डॉ. कैलाश त्यागी ने कहा कि शासन को जल्द से जल्द वरिष्ठता सूची प्रकाशित करनी चाहिए, ताकि प्राध्यापकों की पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई महाविद्यालय नियमित प्राचार्य नहीं होने के कारण प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
संघ के अध्यक्ष डॉ. आनंद शर्मा ने बताया कि इस संबंध में उच्च शिक्षा मंत्री से सकारात्मक आश्वासन मिला है। साथ ही प्रदेश के सांसदों और विधायकों के माध्यम से भी मुख्यमंत्री तक मांग पहुंचाई जाएगी। उन्होंने शिक्षकों से शासन के समक्ष अपने प्रतिवेदन समय पर प्रस्तुत करने की अपील की।
अनावश्यक कोर्ट मामलों से बचाए सरकार
संभागीय अध्यक्ष प्रो. अरुण शुक्ल ने कहा कि विभाग के विरोधाभासी आदेशों के कारण शिक्षकों, क्रीड़ा अधिकारियों और ग्रंथपालों को बार-बार अदालत का सहारा लेना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि विभाग प्रशासनिक स्तर पर ही समस्याओं का समाधान करे, ताकि शिक्षकों को न्यायालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
बैठक के बाद संघ के प्रतिनिधियों ने जबलपुर कैंट विधायक अशोक रोहाणी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। विधायक ने उच्च शिक्षा मंत्री से इस विषय पर चर्चा कर समाधान का प्रयास करने का भरोसा दिया। संघ का कहना है कि यदि लंबित मामलों का समय पर निराकरण हो जाए तो शिक्षक अपना अधिक समय विद्यार्थियों की शिक्षा और महाविद्यालय के विकास में दे सकेंगे।