सिवनी। लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उप तहसील कार्यालय उगली में पदस्थ बाबू कमलेश गनवीर को 1,500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी मूल रूप से ग्राम पौड़ी का कोटवार है और उप तहसील कार्यालय में बाबू का कार्य कर रहा था।
लोकायुक्त के अनुसार, सुरेखा खुर्द निवासी रीना ठाकरे और उनके परिवार के खिलाफ उगली थाने में बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। यह प्रकरण उप तहसील कार्यालय उगली में विचाराधीन था। आरोप है कि मामले को खत्म कराने के बदले कमलेश गनवीर ने आवेदिका से 3,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी।
रीना ठाकरे ने इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय जबलपुर में की। शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोपी द्वारा 1,500 रुपये रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद लोकायुक्त टीम ने योजना बनाकर कार्रवाई की।
जैसे ही आरोपी को 1,500 रुपये देने पहुंची, पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली गई।
आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
यह ट्रैप कार्रवाई पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश और पुलिस उप महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में ट्रैप अधिकारी निरीक्षक रेखा प्रजापति, निरीक्षक शशिकला मर्सकोले और लोकायुक्त जबलपुर की टीम शामिल रही।
लोकायुक्त संगठन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी किसी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी शिकायत तत्काल लोकायुक्त कार्यालय में करें, ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।