भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। लगातार हो रही बारिश से प्रदेश के कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। पिछले 24 घंटों में 40 से अधिक जिलों में भारी वर्षा दर्ज की गई, जिससे नदियां और नाले उफान पर आ गए हैं तथा कई सड़कें और पुल जलमग्न हो गए हैं।
हरदा जिले में कालीमाचक नदी का जलस्तर बढ़ने से नर्मदापुरम-खंडवा हाईवे बंद कर दिया गया है। वहीं खंडवा के किल्लौद ब्लॉक में ग्राम गरबड़ी के नाले में बाढ़ आने से खिरकिया मार्ग पर यातायात ठप हो गया है। प्रशासन ने लोगों से जलमग्न पुल-पुलियों को पार नहीं करने की अपील की है।
सीहोर जिले के आष्टा क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण पार्वती, पपनास और नेवज नदियां उफान पर हैं। कई गांवों में पानी घुसने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि खेतों में जलभराव से सोयाबीन की फसल प्रभावित हुई है।
भिंड जिले में सिंध नदी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। उज्जैन में चंबल नदी में बह गए ग्राम पंचायत सहायक सचिव का शव करीब 36 घंटे बाद बरामद किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार इंदौर, मंडला, भोपाल, खंडवा, जबलपुर, बालाघाट, नर्मदापुरम और अन्य जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। विभाग ने इंदौर, उज्जैन समेत 19 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।