सीधी। अमिलिया थाना क्षेत्र में एक महीने के मासूम पोते की मौत के बाद सदमे में आए दादा ने मंदिर में स्थापित भगवान हनुमान की प्रतिमा खंडित कर दी। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, बलहया गांव निवासी 56 वर्षीय रामभुवन द्विवेदी के एक माह के पोते को निमोनिया होने पर 4 जुलाई को सीधी जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। परिवार ने बच्चे के स्वस्थ होने की कामना करते हुए पूर्वजों के मंदिर में भगवान बजरंगबली से मन्नत मांगी थी। संकल्प लिया गया था कि बच्चा ठीक होने पर मंदिर में पूजा-अर्चना, भंडारा और भजन-कीर्तन कराया जाएगा।
हालांकि इलाज के दौरान सोमवार रात बच्चे की मौत हो गई। देर रात जब उसका शव घर पहुंचा तो दादा रामभुवन द्विवेदी गहरे सदमे में आ गए। मंगलवार सुबह वह मंदिर पहुंचे और भगवान हनुमान की प्रतिमा तोड़ दी। इसके बाद मंदिर के पास बैठकर रोने लगे।
ग्रामीणों ने पुलिस को दी सूचना
प्रतिमा खंडित होने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने सिहावल पुलिस चौकी को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए।
सिहावल चौकी प्रभारी उप निरीक्षक पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने पोते की मौत से हुए मानसिक आघात में यह कदम उठाया। पुलिस ने रामभुवन द्विवेदी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 298 और 299 के तहत मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।