जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे की कुछ प्रमुख स्पेशल ट्रेनों को नियमित दर्जा मिलने के बाद अब यात्रियों की नजर जबलपुर-अयोध्या और जबलपुर-कोयंबटूर स्पेशल ट्रेनों पर टिकी हुई है। दोनों ट्रेनों को स्थायी रूप से चलाने की मांग लगातार तेज हो रही है। यात्रियों के साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी रेलवे प्रशासन से इन्हें नियमित करने की मांग की है।
हाल ही में रीवा-जबलपुर-मुंबई, जबलपुर-पुणे और जबलपुर-बांद्रा टर्मिनस स्पेशल ट्रेनों को नए नंबरों के साथ नियमित ट्रेनों का दर्जा दिया गया है। इसके बाद लंबे समय से संचालित हो रही जबलपुर-अयोध्या और जबलपुर-कोयंबटूर ट्रेनों को लेकर भी यात्रियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
धार्मिक और पर्यटन यात्रा के लिए अहम हैं दोनों ट्रेनें
जबलपुर-अयोध्या स्पेशल ट्रेन धार्मिक यात्रियों के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह ट्रेन मैहर, प्रयागराज छिवकी और वाराणसी कैंट जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों से होकर गुजरती है, जिससे श्रद्धालुओं को मां शारदा धाम, मां विंध्यवासिनी मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या तक सीधी रेल सुविधा मिलती है।
वहीं जबलपुर-कोयंबटूर स्पेशल ट्रेन मध्य भारत को पश्चिमी तट और दक्षिण भारत से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण रेल सेवा बन चुकी है। यह ट्रेन पनवेल, रत्नागिरी, मडगांव, उडुपी, मंगलुरु, कालीकट और पलक्कड़ जैसे प्रमुख शहरों तक पहुंचने की सुविधा देती है। इससे पर्यटन, नौकरी, शिक्षा और व्यापार से जुड़े यात्रियों को बड़ा लाभ मिलता है।
रेलवे बोर्ड को भेजा गया प्रस्ताव
सूत्रों के अनुसार पश्चिम मध्य रेलवे जोन द्वारा दोनों ट्रेनों को नियमित करने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है। अब अंतिम निर्णय रेलवे बोर्ड स्तर पर लिया जाना है। मंजूरी मिलने पर जबलपुर से उत्तर और दक्षिण भारत के कई प्रमुख शहरों तक स्थायी सीधी रेल सेवा उपलब्ध हो जाएगी।
नियमित होने पर यात्रियों को मिलेगा फायदा
इन ट्रेनों को नियमित दर्जा मिलने के बाद बार-बार संचालन अवधि बढ़ाने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। ट्रेनों की समय-सारणी स्थायी होगी, परिचालन बेहतर होगा और स्पेशल ट्रेनों में लगने वाला अतिरिक्त शुल्क समाप्त होने से यात्रियों को किराए में भी राहत मिल सकती है।
बंद हो चुकी ट्रेनों की कमी होगी पूरी
पहले जबलपुर-मंडुआडीह (बनारस) और जबलपुर होकर रीवा-पनवेल तक सीधी ट्रेन सेवाएं संचालित होती थीं, जिन्हें बाद में बंद कर दिया गया था। यात्रियों का मानना है कि जबलपुर-अयोध्या और जबलपुर-कोयंबटूर ट्रेनों के नियमित संचालन से इन बंद रेल सेवाओं की कमी काफी हद तक पूरी हो सकेगी।