akhbaar update

पाटन में 39.67 लाख रुपये की शासकीय राशि हड़पने का मामला, 9 लोगों पर एफआईआर



जबलपुर। पाटन क्षेत्र में संचालित बेगमगंज सीड प्रोड्यूसर लिमिटेड कंपनी द्वारा शासकीय योजनाओं में कथित फर्जीवाड़ा कर लगभग 39 लाख 67 हजार 781 रुपये की राशि प्राप्त करने का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर पाटन थाना पुलिस ने कंपनी के छह डायरेक्टरों और तीन कर्मचारियों सहित कुल नौ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के सहायक संचालक रवि कुमार आम्रवंशी द्वारा दी गई शिकायत में बताया गया कि जांच के दौरान कंपनी के दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। आरोपियों में सचिन दुबे, रंजना पाण्डे, संदीप दुबे, अंशुल बर्मन, नेहा पाण्डे, उमा सिंह, कंपनी प्रबंधक मनीष चौरसिया, लेखापाल कमलेश साहू और कंप्यूटर ऑपरेटर नीलेश विश्वकर्मा के नाम शामिल हैं।

जांच प्रतिवेदन के अनुसार कंपनी के डायरेक्टरों ने कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर शासकीय नियमों का उल्लंघन किया और आर्थिक लाभ प्राप्त किया। रिकॉर्ड की जांच में पाया गया कि प्रबंधक, लेखापाल और कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्तियां वैधानिक प्रक्रिया के बिना दर्शाई गई थीं। नियुक्ति आदेशों में तिथियां स्पष्ट नहीं थीं और हस्ताक्षरों में भी एकरूपता नहीं पाई गई, जिसके चलते दस्तावेजों को संदिग्ध माना गया।

उपार्जन कार्य के लिए निर्धारित नियमों के तहत कंपनी के पास कम से कम 50 लाख रुपये की नकदी या क्रेडिट लिमिट होना आवश्यक था। जांच में सामने आया कि इस शर्त को पूरा दिखाने के लिए कंपनी ने आईसीआईसीआई बैंक के खाते का विवरण प्रस्तुत किया था, लेकिन सत्यापन के दौरान पता चला कि उक्त खाता कंपनी के नाम पर ही नहीं था।

किसानों की सदस्यता सूची भी जांच के दायरे में आई। अधिकारियों द्वारा सूची में दर्ज मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने पर कई लोगों ने स्वयं को कंपनी का सदस्य मानने से इनकार कर दिया। वहीं सूची में कई सदस्यों के पते और शेयर संबंधी विवरण भी उपलब्ध नहीं मिले।

मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित, जबलपुर की रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि कंपनी के डायरेक्टरों और कर्मचारियों ने विभिन्न मदों में 39.67 लाख रुपये से अधिक की राशि प्राप्त की थी। जांच में यह राशि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हासिल किए जाने की बात सामने आई है।

मामले के उजागर होने के बाद कृषि विभाग ने पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी, जिसके आधार पर थाना पाटन में संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस पूरे मामले में दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही है।

Post a Comment

Previous Post Next Post
akhbaar update
akhbaar update