भोपाल। मध्यप्रदेश में आम नागरिकों की समस्याओं के निराकरण और शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए 12 जून से जनकल्याण शिविरों की शुरुआत हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर आयोजित ये विशेष शिविर 18 जून तक पूरे प्रदेश में संचालित किए जाएंगे। शिविरों का उद्देश्य योजनाओं से वंचित पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें तत्काल लाभ उपलब्ध कराना और लंबित शिकायतों का त्वरित समाधान करना है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विकासखंड स्तर और नगरीय निकाय मुख्यालयों पर आयोजित होने वाले इन शिविरों में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र नागरिकों को प्रदान किया जाएगा। ऐसे हितग्राही जो अब तक किसी कारणवश योजनाओं से वंचित रह गए हैं, उनका पंजीयन, स्वीकृति और लाभ वितरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
शिविरों में विशेष रूप से स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण से संबंधित आवेदनों पर भी तेजी से कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों और लंबित प्रकरणों का भी मौके पर परीक्षण कर यथासंभव समाधान किया जाएगा।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सभी संभागायुक्तों, कलेक्टरों और संबंधित अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशों के अनुसार शिविरों का रोस्टर इस प्रकार तैयार किया जाएगा कि जिला कलेक्टर, अपर कलेक्टर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत और अन्य जिला स्तरीय अधिकारी शिविरों में उपस्थित रहकर नागरिकों की समस्याएं सुनें और उनका निराकरण सुनिश्चित करें।
शिविरों में प्राप्त आवेदनों का पंजीकरण और निराकरण सीएम हेल्पलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए पोर्टल पर अलग मॉड्यूल तैयार किया गया है, जिससे अधिकारियों को ऑनलाइन निगरानी और कार्रवाई में सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों को शिविरों के सफल आयोजन, विभागीय समन्वय और समयबद्ध लाभ वितरण की जिम्मेदारी सौंपी है।
जनकल्याण शिविरों में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां नागरिकों को एक ही स्थान पर आवेदन, पंजीयन, दस्तावेज सत्यापन और लाभ वितरण जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इससे लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।
शिविरों में केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसके अलावा हितग्राहियों के साथ संवाद, सफलता की कहानियों का साझा करना और जनजागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी मिल सके।
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि जिन मामलों का तत्काल निराकरण संभव नहीं होगा, उनके लिए समय-सीमा निर्धारित कर आवेदक को जानकारी दी जाएगी। साथ ही ऐसे मामलों की नियमित मॉनिटरिंग और फॉलोअप भी किया जाएगा ताकि शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित हो सके।
प्रदेश सरकार को उम्मीद है कि इन जनकल्याण शिविरों के माध्यम से हजारों पात्र नागरिकों को योजनाओं का लाभ मिलेगा और प्रशासन तथा आम जनता के बीच संवाद और विश्वास भी मजबूत होगा।