जबलपुर - नर्मदा तट ग्वारीघाट पहुंचीं अभिनेत्री और मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया ने मां नर्मदा में स्नान कर पूजा-अर्चना की और 11 दिवसीय विशेष साधना का संकल्प लिया। इस दौरान वे मौन व्रत रखेंगी, अन्न का त्याग करेंगी और नर्मदा तट पर एकांत में रहकर ध्यान-साधना करेंगी।
हर्षा रिछारिया ने बताया कि उनकी साधना का उद्देश्य आत्मिक शुद्धि, आध्यात्मिक उन्नति, विश्व शांति, भारत की प्रगति और सामाजिक जागरूकता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में लोग सोशल मीडिया और भौतिक जीवन में इतने व्यस्त हो गए हैं कि आत्मचिंतन के लिए समय नहीं निकाल पाते। मौन साधना व्यक्ति को अपने भीतर झांकने और मानसिक शांति प्राप्त करने का अवसर देती है।
उन्होंने कहा कि वे बेटियों की सुरक्षा, समाज में सकारात्मक बदलाव और भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी प्रार्थना कर रही हैं। बढ़ती महंगाई, वैश्विक संघर्ष और तनावपूर्ण माहौल के बीच उनकी कामना है कि दुनिया में शांति और स्थिरता स्थापित हो।
हर्षा ने बताया कि वर्ष 2012 से उनका मां नर्मदा और ग्वारीघाट से विशेष आध्यात्मिक जुड़ाव रहा है। जीवन के कठिन समय में उन्हें नर्मदा तट से शक्ति और मार्गदर्शन मिला, इसलिए उन्होंने इस साधना के लिए ग्वारीघाट को चुना।
उनकी 11 दिवसीय साधना 15 जून को पूर्ण होगी। इसके बाद वे ग्वारीघाट में मां नर्मदा की आरती करेंगी और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण कर साधना का समापन करेंगी।