जबलपुर। गोसलपुर क्षेत्र स्थित ईको हार्वेस्ट बायो फ्यूल्स प्लांट में शुक्रवार शाम अचानक भीषण आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया और दूर-दूर तक धुएं का गुबार दिखाई देने लगा। घटना के बाद आसपास के गांवों में दहशत फैल गई।
जानकारी के अनुसार प्लांट में गेहूं की नरवाई से बायो फ्यूल के लिए रोल गट्टे तैयार किए जाते हैं। परिसर में बड़ी मात्रा में नरवाई के गठ्ठे खुले में रखे हुए थे। अचानक इनमें आग लग गई और तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। आग की चपेट में आने से लाखों नहीं बल्कि करोड़ों रुपए का सामान जलकर नष्ट हो गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्लांट के आसपास पेट्रोल पंप और गैस गोदाम भी मौजूद हैं। ऐसे में समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो बड़ा विस्फोट और भारी जनहानि हो सकती थी। सूचना मिलते ही जबलपुर, कटनी, सिहोरा, पनागर और मझौली से दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। देर रात तक दमकल कर्मी आग बुझाने में जुटे रहे।
आग धीरे-धीरे प्लांट के वेयरहाउस तक पहुंच गई, जहां मशीनों से तैयार सामग्री और अन्य उपकरण जल गए। इस हादसे में प्लांट की मशीनरी को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्लांट प्रबंधन पर सुरक्षा में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। लोगों के मुताबिक प्लांट में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। न तो फायर सेफ्टी सिस्टम मौजूद था और न ही आपात स्थिति से निपटने के संसाधन उपलब्ध थे। जिस जगह नरवाई के गठ्ठे रखे गए थे, उसके ऊपर से बिजली की हाईटेंशन लाइन गुजर रही थी, जिससे खतरा और बढ़ गया।
बताया जा रहा है कि प्लांट में प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ की भी कमी थी और अधिकतर काम अप्रशिक्षित कर्मचारियों से कराया जा रहा था।
घटना की जानकारी मिलते ही ज्योति परस्ते, रूपेश्वरी कुंजाम, आदित्य सिंघारिया, गाजीवती कोसाम और जयभान सिंह उइके मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। फिलहाल प्रशासन आग लगने के कारणों की जांच कर रहा है।