जबलपुर। संस्कारधानी को स्वच्छ और मलबा मुक्त बनाने की दिशा में नगर निगम का कठौंदा स्थित सीएंडडी (कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन वेस्ट) प्लांट अब शहर के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है। महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू और निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार की पहल पर संचालित यह प्लांट निर्माण कार्य से निकलने वाले मलबे को नई उपयोगी सामग्री में बदल रहा है। कभी सड़कों, खाली प्लॉटों और चौराहों पर परेशानी का कारण बनने वाला निर्माण मलबा अब रीसायकल होकर शहर के विकास कार्यों में इस्तेमाल किया जा रहा है।
इस प्लांट में शहरभर से एकत्र किए गए ईंट, पत्थर और कंक्रीट के मलबे को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस किया जाता है। इसके बाद इससे मजबूत और आकर्षक पेवर ब्लॉक व ब्रिक्स तैयार किए जाते हैं। नगर निगम इन पेवर ब्लॉक्स का उपयोग विभिन्न वार्डों में फुटपाथ निर्माण, पार्कों के सौंदर्यीकरण और सार्वजनिक स्थलों को व्यवस्थित करने में कर रहा है। इससे न सिर्फ मलबे के ढेर कम हुए हैं, बल्कि शहर की सुंदरता भी बढ़ी है।
कठौंदा प्लांट आम नागरिकों के लिए भी मददगार साबित हो रहा है। यहां तैयार होने वाले पेवर ब्लॉक बाजार की तुलना में कम कीमत पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। लोग अपने घरों, आंगन, पार्किंग और निजी निर्माण कार्यों के लिए आसानी से इनका उपयोग कर सकते हैं। इससे लोगों को कम लागत में बेहतर गुणवत्ता की सामग्री मिल रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह प्लांट “वेस्ट टू वेल्थ” की सोच का शानदार उदाहरण बनकर सामने आया है। निर्माण मलबे को दोबारा उपयोग में लाने से प्राकृतिक संसाधनों जैसे रेत और गिट्टी के अत्यधिक खनन में कमी आ रही है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से शहर की सफाई व्यवस्था मजबूत हुई है और स्वच्छता रैंकिंग में भी सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि निर्माण मलबा इधर-उधर फेंकने के बजाय निगम के सहयोग से सीधे सीएंडडी प्लांट तक पहुंचाएं, ताकि शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने में सभी की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।