मध्य प्रदेश - सतना में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां रेलवे कर्मचारी की लापता पत्नी की तलाश के नाम पर पुलिसकर्मियों पर पैसे खर्च करवाने और गोवा घूमने का आरोप लगा है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है।
65 हजार रुपए खर्च, लेकिन नहीं मिला कोई सुराग
पीड़ित के अनुसार उसकी पत्नी 11 मार्च से लापता है। शुरुआती दिनों में पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। बाद में एक पुलिसकर्मी ने महिला की लोकेशन गोवा बताकर वहां चलने को कहा। आरोप है कि यात्रा का पूरा खर्च—टिकट, होटल और खाने का—पति से ही करवाया गया, जिसमें करीब 65 हजार रुपए खर्च हुए, लेकिन महिला का कोई पता नहीं चला।
दो पुलिसकर्मी लाइन अटैच
मामला सामने आने के बाद एसपी हंसराज ने दो प्रधान आरक्षक—निरंजन मेहरा और रंजीत—को लाइन अटैच कर दिया है और जांच सीएसपी कार्यालय को सौंप दी गई है।
गोवा यात्रा पर उठे सवाल
जानकारी के मुताबिक 10 अप्रैल को जबलपुर से ट्रेन के जरिए गोवा यात्रा शुरू हुई थी। एक अन्य मामले में एक नाबालिग लड़की को वहां से बरामद कर लिया गया, लेकिन लापता महिला का कोई सुराग नहीं मिला। आरोप है कि इस दौरान एक पुलिसकर्मी पांच दिन तक गोवा में रुका रहा और तलाश के बजाय निजी खर्चों में समय बिताया।
फिर बनाया दोबारा जाने का दबाव
पीड़ित का आरोप है कि पहली यात्रा के बाद भी उसे दोबारा गोवा जाने के लिए दबाव बनाया गया और खर्च उठाने को कहा गया। इससे परेशान होकर उसने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस की सफाई
थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह का कहना है कि फरियादी के साथ पुलिसकर्मी को भेजा गया था और वह अगले दिन वापस आ गया था। वहीं संबंधित पुलिसकर्मी का दावा है कि टिकट का खर्च फरियादी ने खुद उठाया था और बाद में उसे राशि लौटा दी गई।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और शिकायतकर्ता को बयान के लिए बुलाया गया है।