जबलपुर। गौमुख आश्रम की साध्वी आत्म निष्ठा उर्फ लता सिंह ठाकुर के साथ 20 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि आश्रम के ही एक अनुयायी ने जमीन दिलाने और रजिस्ट्रेशन कराने का झांसा देकर साध्वी से लाखों रुपए ऐंठ लिए। पैसे लेने के बाद आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा और बाद में संपर्क तोड़कर फरार हो गया। परेशान होकर साध्वी ने पूरे मामले की शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज कराई है।
पुलिस के अनुसार मन्नूलाल अस्पताल के पास रहने वाली साध्वी आत्म निष्ठा की पहचान कुछ वर्ष पहले परविंदर गुजराल उर्फ मोंटी गुजराल से हुई थी। मोंटी नियमित रूप से गौमुख आश्रम आता-जाता था और खुद को प्रॉपर्टी डीलर के साथ राजनीतिक एवं प्रशासनिक लोगों से अच्छी पकड़ रखने वाला बताता था। इसी विश्वास के चलते साध्वी ने उससे आश्रम के लिए 2 से 3 एकड़ जमीन दिखाने की बात कही।
आरोप है कि मोंटी गुजराल ने बरेला बायपास के पास एक जमीन दिखाते हुए उसे अपनी संपत्ति बताया और 10 लाख रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से सौदा तय किया। कुल 30 लाख रुपए में सौदा होने के बाद 20 लाख रुपए एडवांस देने की बात तय हुई। साध्वी का कहना है कि आरोपी ने आश्रम निर्माण और रजिस्ट्रेशन के नाम पर उनसे 20 लाख रुपए ले लिए। इसमें से करीब 11 लाख 60 हजार रुपए गूगल पे के जरिए अलग-अलग किश्तों में दिए गए, जबकि बाकी रकम आरोपी ने आश्रम पहुंचकर नकद ली।
साध्वी के मुताबिक पैसे जुटाने के लिए उन्हें रिश्तेदारों और परिचितों से उधार तक लेना पड़ा। आरोपी लगातार दो महीने में रजिस्ट्रेशन कराने का भरोसा देता रहा, लेकिन बाद में और पैसों की मांग करने लगा। जब जमीन के दस्तावेज मांगे गए तो वह बहाने बनाने लगा। बाद में पता चला कि जिस जमीन को उसने अपनी बताकर दिखाया था, वह किसी दूसरे किसान की है। किसान ने साफ कहा कि वह मोंटी गुजराल को जानता तक नहीं है।
पीड़िता का आरोप है कि पैसे वापस मांगने पर आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा। एक बार उसने यहां तक कहा कि पैसे नहीं हैं तो परिचितों के गन लाइसेंस बनवा देगा। इसके बाद उसने फोन बंद कर लिया और गायब हो गया। फिलहाल कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है।