जबलपुर के इंजीनियर संतोष कुमार मिश्र असाधु ने नई दिल्ली में आयोजित एक राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में नारी सशक्तिकरण विषय पर अपना शोध प्रस्तुत किया। यह कार्यक्रम भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद और दिल्ली विश्वविद्यालय के श्यामा प्रसाद मुखर्जी महिला महाविद्यालय द्वारा आयोजित किया गया था।
इस सम्मेलन में देशभर से कुल 89 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें संतोष मिश्र का विषय “रामायण काल में सशक्त नारी” प्रमुख रहा। उन्होंने अपने व्याख्यान में बताया कि उस समय नारी की शक्ति उसके नैतिक मूल्यों और संस्कारों में निहित थी। उन्होंने धैर्य, क्षमा, करुणा, श्रद्धा और त्याग को नारी के वास्तविक गुण बताया।
आधुनिक सोच पर भी रखी बात
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज के समय में नारी सशक्तिकरण के नाम पर पश्चिमी प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है, जिससे भारतीय परंपराएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने श्रीरामचरितमानस का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें नारी को प्रकृति और शक्ति के रूप में दर्शाया गया है।
मिश्र के अनुसार, रामायण काल में महिलाएं भले ही कोमल स्वभाव की थीं, लेकिन मानसिक रूप से बहुत मजबूत और प्रभावशाली थीं। उन्होंने कहा कि उस समय समाज में महिलाओं को विशेष सम्मान भी प्राप्त था।
सांसद ने किया सम्मान
कार्यक्रम में कमलजीत सेहरावत ने संतोष कुमार मिश्र को उनके शोध के लिए सम्मानित किया।
इस उपलब्धि से जबलपुर का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन हुआ है। कार्यक्रम के अंत में विद्वानों ने उनके शोध और विचारों की सराहना की और इसे वर्तमान समाज के लिए भी उपयोगी बताया।