जबलपुर - रांझी क्षेत्र में हुए क्लेरेंस उर्फ राजा हत्याकांड में पुलिस जांच अब अंतिम चरण में पहुंचती दिख रही है। पुलिस का कहना है कि संदिग्धों की पहचान हो चुकी है और उन्हें पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच व स्थानीय पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है, जिससे पूरे मामले की परतें खुल रही हैं। जल्द ही पूरे केस का खुलासा होने की संभावना है।
जमीन विवाद से उपजा विवाद
प्रारंभिक जांच में रायपुर की करीब 1 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी को इस हत्या की जड़ बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, इस डील में क्लेरेंस के परिचित बाबा नेल्सन और उसका बेटा प्रिंस शामिल थे। पहले केवल कमीशन की बात थी, लेकिन बाद में जमीन में हिस्सेदारी को लेकर विवाद गहराता चला गया।
दूसरे शहर से भी जुड़े तार
मामले में छिंदवाड़ा के रोहित और भानू का नाम भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने भी उसी जमीन पर अलग से एग्रीमेंट कर लिया था। इसके बाद दस्तावेजों को लेकर विवाद बढ़ा और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराईं। क्लेरेंस ने रायपुर में कोर्ट का सहारा लिया, जिसके बाद उस पर केस वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा था।
पहले से मिल रही थी धमकी
परिजनों के अनुसार, करीब एक हफ्ते पहले क्लेरेंस को वीडियो कॉल पर धमकाया गया था। आरोप है कि प्रॉपर्टी विवाद छोड़ने के लिए उसे जान से मारने की चेतावनी दी गई थी।
हमले से पहले की गई रेकी
पुलिस जांच में सामने आया है कि हमलावर कई दिनों से क्लेरेंस की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। वारदात वाले दिन वह अपने बेटे को स्कूल छोड़ने गया था, लेकिन बच्चे के साथ होने के कारण आरोपियों ने हमला नहीं किया। बाद में अकेले लौटते समय उसे गोली मार दी गई।
CCTV और तकनीकी जांच से सुराग
घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों में बाइक सवार दो संदिग्ध नजर आए हैं। पुलिस उनकी पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्यों का सहारा ले रही है। मुख्य आरोपी घटना के बाद से फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि टीमों ने संभावित ठिकानों पर दबिश बढ़ा दी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।