akhbaar update

भीषण गर्मी में ऐसे रखें खुद को सुरक्षित



देशभर में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। कई शहरों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। तेज धूप और लू के कारण लोगों में डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, सिरदर्द और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं, ताकि गर्मी के दुष्प्रभावों से बचा जा सके।

सबसे जरूरी बात यह है कि दोपहर के समय यानी 12 बजे से लेकर 4 बजे तक धूप में बाहर निकलने से बचें। इस समय सूर्य की किरणें सबसे ज्यादा तेज होती हैं और लू लगने का खतरा भी अधिक रहता है। अगर किसी जरूरी काम से बाहर जाना पड़े, तो सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढककर निकलें। साथ ही आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मे का उपयोग भी किया जा सकता है।

गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी होना सबसे आम समस्या है। इसलिए दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है। कोशिश करें कि हर घंटे थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। इसके अलावा नींबू पानी, छाछ, लस्सी और नारियल पानी जैसे पेय पदार्थ शरीर को ठंडक देते हैं और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखते हैं। घर से बाहर निकलते समय पानी की बोतल जरूर साथ रखें।

खानपान का भी गर्मी में खास ध्यान रखना चाहिए। तला-भुना और ज्यादा मसालेदार भोजन से बचें, क्योंकि यह शरीर में गर्मी बढ़ाता है। इसके बजाय हल्का और सुपाच्य भोजन करें। मौसमी फल जैसे तरबूज, खरबूज, खीरा, ककड़ी आदि का सेवन ज्यादा करें, क्योंकि इनमें पानी की मात्रा अधिक होती है और यह शरीर को हाइड्रेट रखते हैं।

कपड़ों का चुनाव भी गर्मी में बहुत महत्वपूर्ण होता है। हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनना सबसे अच्छा रहता है। ये कपड़े पसीना सोख लेते हैं और शरीर को ठंडा रखते हैं। गहरे रंग के और टाइट कपड़े पहनने से बचें, क्योंकि ये गर्मी को ज्यादा सोखते हैं और असहजता बढ़ाते हैं।

बच्चों और बुजुर्गों को गर्मी से खास खतरा होता है। उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, इसलिए उन्हें ज्यादा समय तक धूप में नहीं रहने देना चाहिए। बच्चों को बाहर खेलने भेजते समय ध्यान रखें कि वे टोपी पहनें और पर्याप्त पानी पिएं। बुजुर्गों को भी नियमित रूप से पानी और तरल पदार्थ देते रहें।

हीट स्ट्रोक के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर किसी को तेज सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, तेज बुखार, कमजोरी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत उसे छांव या ठंडी जगह पर ले जाएं। शरीर को ठंडा करने के लिए गीले कपड़े से पोंछें और पानी पिलाएं। जरूरत पड़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

घर में भी ठंडक बनाए रखने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं। दिन के समय खिड़की-दरवाजे बंद रखें और शाम को हवा आने दें। पंखा, कूलर या एसी का सही उपयोग करें। पानी से भरे बर्तन कमरे में रखने से भी वातावरण ठंडा रहता है। इसके अलावा दिन में बार-बार स्नान करने से भी राहत मिलती है।

काम करने वाले लोगों को भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। मजदूर, किसान, डिलीवरी बॉय जैसे लोग जो लंबे समय तक धूप में रहते हैं, उन्हें बार-बार पानी पीना चाहिए और बीच-बीच में आराम जरूर करना चाहिए। सिर पर गमछा या टोपी रखना बहुत जरूरी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी से बचाव के लिए कोई बड़ा उपाय जरूरी नहीं है, बल्कि छोटी-छोटी सावधानियां ही काफी होती हैं। अगर लोग समय पर पानी पीते रहें, धूप से बचें और हल्का भोजन करें, तो वे आसानी से इस मौसम में स्वस्थ रह सकते हैं।

अंत में यही कहा जा सकता है कि बढ़ती गर्मी के बीच सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। थोड़ी सी सावधानी अपनाकर हम खुद को और अपने परिवार को लू और गर्मी से होने वाली बीमारियों से सुरक्षित रख सकते हैं।

Post a Comment

Previous Post Next Post
akhbaar update
akhbaar update