जबलपुर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां लापता ऑटो चालक का शव कब्र से निकालना पड़ा। इस मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं और परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए जांच की मांग की है।
अधारताल निवासी दीपक सिंह 18 अप्रैल की रात घर से निकले थे, लेकिन फिर वापस नहीं आए। परिवार ने खोजबीन शुरू की तो उनका ऑटो घमापुर-भानतलैया इलाके में एक पेट्रोल पंप के पास खड़ा मिला। सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि ऑटो को कोई दूसरा व्यक्ति खड़ा कर रहा था, जिससे मामला संदिग्ध लगने लगा।
इसी बीच पुलिस को विक्टोरिया अस्पताल में मिले एक अज्ञात शव की जानकारी मिली। तस्वीर देखकर परिजनों ने उसे दीपक सिंह के रूप में पहचान लिया। पुलिस के अनुसार, 19 अप्रैल की सुबह स्नेह नगर में एक व्यक्ति बेहोशी की हालत में मिला था, जिसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पहचान नहीं होने के कारण पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को लावारिस मानकर दफना दिया था। बाद में पहचान होने पर प्रशासन की निगरानी में शव को बाहर निकालकर परिवार को सौंप दिया गया।
मृतक के परिजनों का कहना है कि यह सामान्य मौत नहीं हो सकती, इसके पीछे कोई साजिश हो सकती है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और सच्चाई जल्द सामने लाई जाएगी।