जबलपुर। सिविल लाइन थाना क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां स्कूटी चोरी करने आए एक चोर को कॉलोनी के लोगों और स्ट्रीट डॉग्स ने मिलकर पकड़ लिया, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय उसे ‘नशेड़ी’ बताकर छोड़ दिया।
घटना 5 और 6 अप्रैल की है। हेड पोस्ट ऑफिस के पास स्थित समदड़िया कॉलोनी में एक संदिग्ध युवक घुसा और वहां खड़ी स्कूटी को चुराने की कोशिश करने लगा। सीसीटीवी फुटेज में वह काफी देर तक स्कूटी के साथ छेड़छाड़ करता नजर आया और उसे लेकर भागने ही वाला था।
इसी दौरान कॉलोनी के स्ट्रीट डॉग्स—सिंबा, छोटू, छुटकी, गोलू, ब्लैकी और लंगड़ी—ने उसे घेर लिया और जोर-जोर से भौंकने लगे। चोर ने उन्हें भगाने के लिए पत्थर और लकड़ी से हमला भी किया, लेकिन डॉग्स डटे रहे। शोर सुनकर रात करीब 3:15 बजे कॉलोनी के लोग जाग गए और बाहर आकर आरोपी को पकड़ लिया।
गुस्साए लोगों ने उसकी पिटाई कर दी और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को अपने साथ ले गई। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस ने न तो एफआईआर दर्ज की और न ही उसे गिरफ्तार किया। उल्टा, लोगों से एक कागज पर हस्ताक्षर करवाकर आरोपी को ‘नशेड़ी’ बताकर छोड़ दिया गया।
कॉलोनीवासियों ने पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंपा है, जिसमें चोरी की कोशिश साफ दिखाई दे रही है। इसके बावजूद कार्रवाई न होने से लोगों में नाराजगी है।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई। एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि मामले में आवेदन और फुटेज मिला है। आरोपी की पहचान कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद शहर में कई सवाल उठ रहे हैं—क्या अब अपराधियों को पकड़ने की जिम्मेदारी आम लोगों और डॉग्स पर है? क्या ‘नशेड़ी’ बताकर किसी आरोपी को छोड़ा जा सकता है? फिलहाल पुलिस जांच की बात कह रही है, लेकिन इस मामले ने कानून-व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।