जबलपुर। सिहोरा रेलवे स्टेशन पर एक शातिर ट्रेन चोर को पकड़ने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने ऐसा तरीका अपनाया, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया—वह करीब 5 घंटे तक तालाब में छिपा रहा और कमल की खोखली डंडी से सांस लेता रहा।
पर्स चोरी कर भागा, फिर तालाब में कूदा
6 अप्रैल की सुबह करीब 4:45 बजे रीवा-इतवारी ट्रेन सिहोरा स्टेशन पर खड़ी थी। इसी दौरान आरोपी ने एक महिला यात्री का पर्स चोरी किया और भागने लगा। RPF जवानों ने तुरंत पीछा किया। कुछ दूरी पर वह पकड़ में आया, लेकिन फिर चकमा देकर भाग निकला और पास के तालाब में कूद गया।
पानी में छिपकर बचने की कोशिश
जवान जब तालाब के पास पहुंचे तो आरोपी नजर नहीं आया। शक होने पर पूरे इलाके को घेर लिया गया और गोताखोरों को बुलाया गया। आरोपी पानी के अंदर छिपकर कमल की डंडी के सहारे सांस लेता रहा।
करीब 5 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद गोताखोरों ने उसे बाहर निकाला और गिरफ्तार कर लिया।
देशभर में दर्ज हैं 21 से ज्यादा केस
गिरफ्तार आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के बिजनौर निवासी 32 वर्षीय हरविंदर सिंह के रूप में हुई है। वह ट्रेनों में चोरी करने वाला कुख्यात अपराधी है और उसके खिलाफ देश के अलग-अलग शहरों में 21 से अधिक मामले दर्ज हैं।
पहचान छिपाने में माहिर
गिरफ्तारी के बाद आरोपी बार-बार अपनी पहचान बदलने की कोशिश करता रहा। कभी खुद को पंजाब का तो कभी हरियाणा का निवासी बताता रहा, लेकिन पुलिस ने पुराने रिकॉर्ड के आधार पर उसकी पहचान पुख्ता कर ली।
चोरी का तरीका था अलग
आरोपी खासतौर पर एसी कोच में सफर करने वाले यात्रियों को निशाना बनाता था। पहले वह रिजर्वेशन कराता, फिर मौका देखकर पर्स चोरी कर लेता। पकड़े जाने पर खुद को “चोर पकड़ने वाला” बताकर बच निकलता था।
बाद में उसने बिना टिकट सफर करना शुरू कर दिया। वह ट्रेन के बाथरूम में छिपा रहता और मौका मिलते ही चोरी कर देता। पुलिस से बचने के लिए वह बार-बार सिम कार्ड बदलता और हर कुछ महीनों में अपना रूट बदल लेता था।
संयुक्त कार्रवाई में मिली सफलता
RPF और सिहोरा पुलिस की संयुक्त टीम ने गोताखोरों की मदद से लंबा सर्च ऑपरेशन चलाकर आखिरकार इस शातिर चोर को पकड़ने में सफलता हासिल की।
