जबलपुर में आईवियर कंपनी लेंसकार्ट के ड्रेस कोड को लेकर इन दिनों विवाद गहराता नजर आ रहा है। बिंदी, तिलक और हिजाब को लेकर शुरू हुआ यह मामला अब देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। जबलपुर के मदन महल स्थित लेंसकार्ट शोरूम में इस मुद्दे को लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
जानकारी के अनुसार, कंपनी के ड्रेस कोड में कर्मचारियों को बिंदी, तिलक और कलावा पहनने से मना किया गया था। वहीं हिजाब और पगड़ी पहनने की अनुमति दी गई थी, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई। इस कथित भेदभाव को लेकर संगठनों ने विरोध जताया और शोरूम पहुंचकर कर्मचारियों के माथे पर तिलक लगाया और कलाई में कलावा बांधा।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कंपनी प्रबंधन से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि दो दिन के भीतर माफी नहीं मांगी गई तो शहर के सभी लेंसकार्ट शोरूम को बंद कराया जाएगा और उग्र आंदोलन किया जाएगा। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिससे किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
विवाद बढ़ने के बाद लेंसकार्ट ने अपनी सफाई जारी की। कंपनी ने कहा कि उसने ग्राहकों और समाज की भावनाओं को ध्यान से सुना है। अब कंपनी ने अपने इन-स्टोर स्टाइल गाइड को संशोधित करते हुए स्पष्ट किया है कि सभी धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों का सम्मान किया जाएगा। नए दिशा-निर्देशों के तहत बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब और पगड़ी जैसे प्रतीकों को पूरी तरह अनुमति दी गई है।
कंपनी ने यह भी कहा कि यदि पहले के किसी नियम या संचार से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो इसके लिए उन्हें खेद है। लेंसकार्ट ने खुद को एक भारतीय कंपनी बताते हुए कहा कि यहां हर व्यक्ति अपनी आस्था और पहचान के साथ काम कर सकता है। फिलहाल इस मुद्दे को लेकर शहर में चर्चा का माहौल बना हुआ है।