जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक जैन की विशेष बेंच ने गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवार के मकान पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। साथ ही राज्य शासन सहित संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
मामले में रीवा जिले की हुजूर तहसील के चिरहुला निवासी तेजबली सिंह सहित अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता प्रफुल्ल शर्मा ने पक्ष रखा।
बिना लिखित आदेश के कार्रवाई का डर
याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि बिना किसी लिखित आदेश के उनके मकान को तोड़ने की मौखिक धमकियां दी जा रही थीं। नगर निगम और पटवारी द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा था, जिसके चलते उन्हें हाई कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। याचिकाकर्ताओं के पास 696 वर्ग फीट जमीन का वैध पट्टा होने के बावजूद कार्रवाई की आशंका जताई गई।
अर्जेंसी में विशेष बेंच में हुई सुनवाई
अधिवक्ता ने बताया कि मामले की तात्कालिकता को देखते हुए पहले मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा की बेंच के समक्ष निवेदन किया गया था। उनके निर्देश पर मामला विशेष बेंच के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हुआ।
कोर्ट ने दी अंतरिम राहत
राज्य की ओर से शासकीय अधिवक्ता ने स्वीकार किया कि उन्हें इस कार्रवाई को लेकर कलेक्टर से कोई स्पष्ट निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। सभी तथ्यों और दस्तावेजों पर विचार करने के बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत देते हुए स्पष्ट किया कि 696 वर्ग फीट के मकान को न तो तोड़ा जाएगा और न ही किसी प्रकार का नुकसान पहुंचाया जाएगा।