जबलपुर। कैडर के वरिष्ठ पूर्व आईएएस अधिकारी ओपी श्रीवास्तव इन दिनों अपनी पत्नी भारती श्रीवास्तव के साथ मां नर्मदा की कठिन परिक्रमा कर रहे हैं। प्रशासनिक जीवन में सादगी और अनुशासन के लिए पहचाने जाने वाले श्रीवास्तव ने रिटायरमेंट के बाद आध्यात्म का मार्ग अपनाया है।
गृह सचिव और आबकारी आयुक्त जैसे बड़े पदों पर रहने के बावजूद उन्होंने सुविधाओं को छोड़कर साधना का रास्ता चुना। खास बात यह है कि इस संकल्प को पूरा करने के लिए उनकी पत्नी ने भी अपनी सरकारी नौकरी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली। दोनों ने 10 दिसंबर 2025 से इस यात्रा की शुरुआत की थी।
अपने कार्यकाल में श्रीवास्तव जबलपुर नगर निगम कमिश्नर, कलेक्टर और एडिशनल कलेक्टर जैसे अहम पदों पर रहे। वर्तमान में वे नर्मदापुरम में आश्रम बनाकर गीता और रामचरितमानस का अध्ययन कर रहे हैं।
परिक्रमा के दौरान 23 मार्च 2026 को वे जबलपुर के भेड़ाघाट पहुंचे, जहां उन्होंने आध्यात्मिक चर्चा की और आशीर्वाद लिया। अब 26 मार्च को वे अमरकंटक की ओर आगे बढ़ेंगे।
उनकी यह यात्रा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सादगी, आत्म-अनुशासन और त्याग का संदेश भी दे रही है। उनके शुभचिंतकों ने मां नर्मदा से उनकी यात्रा की सफलता की कामना की है।