जबलपुर। शहर ने चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अपोलो हॉस्पिटल्स में मध्य प्रदेश की पहली सफल रोबोटिक प्रोस्टेट सर्जरी की गई है। इस सफलता के बाद अब प्रदेश के मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों या दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
यह सर्जरी यूरोलॉजिस्ट और रोबोटिक सर्जन डॉ. प्रणल सहारे के नेतृत्व में की गई। इस दौरान वरिष्ठ सर्जन डॉ. गणेश गोस्वामी और अस्पताल की टीम भी मौजूद रही।
क्या है रोबोटिक सर्जरी?
रोबोटिक प्रोस्टेट सर्जरी एक आधुनिक तकनीक है, जिसमें बहुत छोटे चीरे लगाकर ऑपरेशन किया जाता है। जहां पहले बड़े ऑपरेशन में 15-20 सेंटीमीटर का चीरा लगता था, वहीं अब सिर्फ 1-2 सेंटीमीटर के छोटे छेद से सर्जरी पूरी हो जाती है।
मरीजों को क्या फायदा?
कम खून बहता है
संक्रमण का खतरा कम होता है
दर्द कम होता है
जल्दी रिकवरी होती है
पहले मरीज को 8-10 दिन अस्पताल में रहना पड़ता था, लेकिन अब 3-5 दिन में छुट्टी मिल जाती है। पूरी तरह ठीक होने में भी पहले 6-8 हफ्ते लगते थे, अब यह समय घटकर 2-3 हफ्ते रह गया है।
इस तकनीक की खास बात यह भी है कि ऑपरेशन के दौरान आसपास की नसों को सुरक्षित रखा जाता है, जिससे मरीज की सामान्य जिंदगी पर कोई असर नहीं पड़ता।
प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि
इस सुविधा के शुरू होने से मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी। अब स्थानीय मरीजों को अपने ही शहर में बेहतर और आधुनिक इलाज मिल सकेगा। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उनका लक्ष्य मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज यहीं उपलब्ध कराना है।
इस उपलब्धि से जबलपुर समेत पूरे प्रदेश के हजारों मरीजों को फायदा मिलेगा।
