म. प्र. जबलपुर। जबलपुर में जमीन खरीदने या घर बनाने की सोच रहे लोगों को अब ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। जिला प्रशासन नई कलेक्टर गाइडलाइन के तहत जमीन और संपत्तियों की कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। इसको लेकर हाल ही में कलेक्ट्रेट में एक बैठक हुई।
बैठक में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत, जबलपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारी और टीएनसीपी, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी व सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने उन क्षेत्रों पर ज्यादा ध्यान दिया जहां पिछले एक साल में सबसे ज्यादा जमीन की रजिस्ट्री हुई है और जहां तेजी से शहर का विस्तार हो रहा है।
1366 जगहों पर बढ़ सकते हैं दाम
पंजीयन कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार जिले की 2705 लोकेशन में से 1366 जगहों पर जमीन की कीमत बढ़ाने का प्रस्ताव है। इन क्षेत्रों में औसतन करीब 15 प्रतिशत तक दाम बढ़ सकते हैं। खासतौर पर बायपास और रिंग रोड के आसपास के इलाकों में कीमतों में ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना है।
कई वार्डों में भी बढ़ेंगी कीमतें
सर्वे में पाया गया कि रिंग रोड से लगे कई गांवों में सरकारी गाइडलाइन दरें बाजार कीमत से काफी कम हैं। इसे देखते हुए नगर निगम के वार्ड 8, 15, 16, 21, 67, 72, 73, 74 और 75 में भी जमीन की कीमत बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है।
1 अप्रैल 2026 से लागू हो सकती है नई दरें
प्रस्ताव है कि नई गाइडलाइन 1 अप्रैल 2026 से लागू की जाए। इसके तहत आवासीय भूखंडों की कीमतों में करीब 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं व्यावसायिक और बहुमंजिला भूखंडों के दाम 50 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं।
कृषि जमीन पर सबसे ज्यादा असर
नई गाइडलाइन में कृषि जमीन की कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। सिंचित और असिंचित जमीन की कीमतें 80 से 99 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं।
अधिकारियों का कहना है कि पिछले एक साल में बने नए कॉलोनी प्रोजेक्ट, सड़क, सीवरेज और अन्य सुविधाओं के विस्तार को ध्यान में रखते हुए नई दरें तय की जा रही हैं, ताकि बाजार कीमत और सरकारी गाइडलाइन के बीच का अंतर कम हो सके।