सीधी। डॉ. मोहन यादव रविवार दोपहर अचानक औचक निरीक्षण पर सीधी पहुंचे। यहां सर्किट हाउस में उन्होंने बंद कमरे में जनप्रतिनिधियों के साथ करीब 20 मिनट तक बैठक कर संगठन, विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था पर चर्चा की।
बैठक में सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, विधायक रीती पाठक, विश्वामित्र पाठक और जिलाध्यक्ष देव कुमार सिंह मौजूद रहे। इस दौरान सीएम ने कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी और जिला पंचायत सीईओ शैलेंद्र सिंह को भी बुलाकर जरूरी निर्देश दिए।
कलेक्टर को लगाई फटकार
कलेक्ट्रेट भवन निर्माण में देरी को लेकर मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को कड़ी फटकार लगाई और काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।
अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी
पत्रकारों से चर्चा में सीएम ने कहा कि अधिकारी मैदान में रहकर काम करें, यह उनकी जिम्मेदारी है। जो अधिकारी ऐसा नहीं कर सकते, उन्हें वल्लभ भवन में बैठना चाहिए। उनके इस बयान के बाद जिले के अधिकारियों पर कार्रवाई की चर्चा तेज हो गई है।
जनप्रतिनिधियों में नाराजगी
बताया जा रहा है कि जिले में प्रशासनिक कामकाज को लेकर जनप्रतिनिधियों में काफी समय से नाराजगी थी। वे पहले भी इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री से शिकायत कर चुके थे।
अब सीएम के दौरे के बाद प्रशासनिक स्तर पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।