जबलपुर। शहर की 114 किलोमीटर लंबी रिंग रोड परियोजना का काम तेजी से चल रहा है। इसका तीसरा चरण अब अंतिम दौर में पहुंच गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है।
हाल ही में हीरापुर बांधा गांव के पास एक रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) का काम पूरा हुआ है। इस पूरे पैकेज पर करीब 475 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं और इसे जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
जून तक पूरा होगा आरओबी का काम
प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृत लाल साहू के अनुसार, रिंग रोड में कुल तीन आरओबी हैं। एक पहले ही बन चुका है, जबकि बाकी दो पर काम चल रहा है। तीसरे चरण में बने आरओबी पर गर्डर भी डाला जा चुका है और इसे जून तक पूरा कर लिया जाएगा।
किस चरण में कितना काम पूरा
पहला चरण (बरेला–मानेगांव): लगभग पूरा, सिर्फ 6% काम बाकी, अप्रैल तक पूरा होगा।
दूसरा चरण (मानेगांव–एनएच-45): करीब 70% काम पूरा, जून 2026 तक पूरा होगा।
तीसरा चरण (एनएच-45–कुशनेर): अंतिम चरण में, जून तक पूरा होने की उम्मीद।
चौथा चरण (कुशनेर–अमझर): तेजी से काम जारी, जून तक पूरा होगा।
पांचवां चरण (अमझर–बरेला): 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य।
कब तक पूरा होगा पूरा प्रोजेक्ट
अधिकांश रिंग रोड का काम 2026 के अंत तक पूरा हो जाएगा, जबकि आखिरी चरण 2027 में पूरा होगा। इसके बनने से शहर में ट्रैफिक का दबाव कम होगा और आवागमन आसान हो जाएगा।
