सोमवार 23 मार्च - पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर दिखा। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच संभावित टकराव की खबरों से बाजार में भारी गिरावट आई।
भारत में भी इसका असर साफ दिखा। बीएसई सेंसेक्स 1700 से ज्यादा अंक गिर गया, जबकि निफ्टी 50 करीब 560 अंक टूटकर 22,691 के आसपास कारोबार करता नजर आया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेज बिकवाली हुई।
निवेशकों को बड़ा नुकसान
इस गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में करीब 8.15 लाख करोड़ रुपये की कमी आ गई। कंपनियों का कुल मार्केट कैप भी काफी घट गया।
गिरावट की बड़ी वजहें
मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
डोनाल्ड ट्रम्प की सख्त चेतावनी
विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली
खबरों के मुताबिक, तेल की कीमतें तेजी से बढ़कर 100 डॉलर के आसपास पहुंच गई हैं, जिससे बाजार में डर का माहौल है।
एफआईआई की लगातार बिकवाली
विदेशी निवेशकों ने पिछले 16 दिनों में करीब 1 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं, जिससे बाजार और कमजोर हुआ है।
सभी बड़े शेयरों में गिरावट
सेंसेक्स के सभी 30 शेयर गिरावट में रहे। Tata Steel, Mahindra & Mahindra और HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों पर ज्यादा दबाव देखा गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक पश्चिम एशिया का तनाव कम नहीं होता और तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।