जबलपुर। रायसेन जिले में स्थित सोम डिस्टिलरीज के लाइसेंस निलंबन का मामला अब हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच तक पहुंच गया है। कंपनी ने सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ अपील दायर की है। अब इस मामले की सुनवाई मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच में होगी। सिंगल बेंच से राहत नहीं मिलने के बाद कंपनी ने ऊपरी अदालत का रुख किया है।
अब तक क्या हुआ
इस मामले में अब तक लंबी कानूनी प्रक्रिया चल चुकी है। शुरुआत में मामला अलग-अलग बेंचों के सामने लगा और कई जजों की प्रक्रिया से गुजरता रहा। कंपनी का कहना है कि लाइसेंस निलंबित होने से उसके कामकाज और उत्पादन पर बड़ा असर पड़ा है, इसलिए उसने अदालत से राहत की मांग की थी। लेकिन सिंगल बेंच ने कंपनी को तुरंत राहत देने से मना कर दिया।
आबकारी विभाग ने क्यों की कार्रवाई
राज्य सरकार के आबकारी विभाग ने रायसेन स्थित सोम डिस्टिलरीज के लाइसेंस को कुछ अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन के आरोप में निलंबित कर दिया था। कंपनी ने इस फैसले को गलत बताते हुए हाई कोर्ट में चुनौती दी। कंपनी के वकीलों का कहना है कि विभाग ने नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया और इससे कंपनी को नुकसान हो रहा है। वहीं सरकार का कहना है कि जांच में गड़बड़ियां सामने आने के बाद ही यह कार्रवाई की गई।
अब डिवीजन बेंच में होगी सुनवाई
सिंगल बेंच से राहत नहीं मिलने के बाद कंपनी ने डिवीजन बेंच में अपील की है। अब मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली बेंच इस मामले को सुनेगी और तय करेगी कि आगे क्या करना है। कंपनी को उम्मीद है कि अदालत से राहत मिलेगी और प्लांट में काम दोबारा शुरू हो सकेगा। वहीं सरकार भी अपने पक्ष को अदालत में रखने की तैयारी कर रही है।