जबलपुर। देशभर में आज रात से मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य देव के मीन राशि में प्रवेश करते ही खरमास की शुरुआत हो जाती है, जिसे मीन संक्रांति भी कहा जाता है। 14 मार्च की मध्यरात्रि से सूर्य का यह गोचर शुरू होगा और इसके साथ ही हिंदू धर्म में कई शुभ कार्यों पर अस्थायी रोक लग जाएगी।
ज्योतिषाचार्य पंडित कामता प्रसाद तिवारी के अनुसार जब सूर्य देव देवगुरु बृहस्पति की राशियों धनु या मीन में प्रवेश करते हैं, तो बृहस्पति का प्रभाव कमजोर माना जाता है। इसी कारण इस अवधि में नए और मांगलिक कार्य करना शुभ नहीं माना जाता।
हिंदू पंचांग के अनुसार खरमास की अवधि को शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता। इस दौरान विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, जनेऊ संस्कार और नई संपत्ति की खरीद जैसे कार्य नहीं किए जाते।
हालांकि धार्मिक मान्यता के अनुसार यह समय दान-पुण्य, पूजा-पाठ, मंत्र जाप और आध्यात्मिक साधना के लिए बेहद उत्तम माना जाता है। लगभग एक महीने तक चलने वाले इस काल के बाद 20 अप्रैल से फिर से मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएंगे। तब तक विवाह और अन्य शुभ कार्यों की तैयारियों में जुटे लोगों को इंतजार करना होगा।