जबलपुर में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए पुलिस विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय द्वारा रांझी थाने पहुंचकर “साइबर हेल्प डेस्क” का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही जिले के सभी थानों में साइबर हेल्प डेस्क का संचालन शुरू कर दिया गया है। इस पहल का उद्देश्य ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया फ्रॉड, मोबाइल चोरी या गुम होने जैसी साइबर संबंधित घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई कर आम नागरिकों को राहत देना है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हर थाने में एक विशेष रूप से प्रशिक्षित कर्मचारी को साइबर हेल्प डेस्क की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह कर्मचारी साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेकर तत्काल आवश्यक कदम उठाएगा। इसके लिए NCR पोर्टल और CEIR पोर्टल जैसे ऑनलाइन सिस्टम का उपयोग किया जाएगा, जिससे मोबाइल ट्रेसिंग और अन्य डिजिटल जांच तेजी से की जा सकेगी।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध के मार्गदर्शन में सभी थानों के अधिकारियों और कर्मचारियों को पहले से प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि वे तकनीकी मामलों को समझकर सही तरीके से पीड़ितों की सहायता कर सकें। पुलिस का मानना है कि “गोल्डन आवर” यानी घटना के तुरंत बाद की गई कार्रवाई से साइबर अपराधों में काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
शुभारंभ के बाद पुलिस अधीक्षक ने रांझी थाने का औचक निरीक्षण भी किया। उन्होंने थाने में रखे जाने वाले रजिस्टरों और रिकॉर्ड की जांच की तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी दस्तावेज समय-समय पर अपडेट रखे जाएं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि साइबर से जुड़ी हर शिकायत का त्वरित और संतुष्टिपूर्ण निराकरण होना चाहिए, ताकि आम जनता का पुलिस पर भरोसा और मजबूत हो सके।
इस नई व्यवस्था से उम्मीद जताई जा रही है कि जबलपुर शहर के लोगों को साइबर अपराधों से राहत मिलेगी और शिकायतों का समाधान पहले की तुलना में ज्यादा तेज और प्रभावी ढंग से हो पाएगा।