जीआरपी के अनुसार, प्रयागराज (यूपी) के प्रतापपुर कला निवासी धीरज पांडेय 15 फरवरी को मुंबई से साकेत एक्सप्रेस में सवार होकर प्रयागराज जा रहे थे। तय समय पर वे अपने गंतव्य पर नहीं पहुंचे और उनका फोन भी बंद मिला।
पांच दिन बाद मिला शव
इसके बाद 16 फरवरी को उनके भाई पवन पांडेय ने चौकी में धीरज की गुमशुदगी दर्ज कराई। साइबर सेल की मदद से धीरज के फोन की लोकेशन उचेहरा से सतना के बीच पाई गई, जिसके बाद इस क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के दोनों ओर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। गुरुवार की शाम को सतना नदी पर बने रेल पुल के पास पानी में एक शव उतराता हुआ दिखाई दिया। एसडीईआरएफ के जवानों की मदद से शव को बाहर निकाला गया और परिजनों से उसकी शिनाख्त कराई गई। परिजनों ने शव की पहचान धीरज पांडेय के रूप में की।
शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद मृतक के पास से एक सोने की चेन और सोने की अंगूठी मिली थी, जिसे परिवार वालों को सुपुर्द कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि जब ट्रेन पुल से गुजर रही थी, तब गेट पर खड़े धीरज का संतुलन बिगड़ गया होगा। वे लोहे के एंगल से टकराकर नीचे नदी में गिर गए होंगे।
