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पिता, पुत्र से लूट कर जेवरों से भरा थैला लेकर फरार हुए अंतर्राज्जीय गिरोह के दो आरोपी गिरफ्तार

 




नकदी, सोने चांदी के जेवर और दो वाहन व मोबाइल जब्त

जबलपुर। पनागर थाना क्षेत्र में पिता, पुत्र पर हमला कर लाखों के जेवर लूटने वाले अंतर्राज्जीय गिरोह के दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से लाखों रुपए का लूट का सामान जब्त किया गया है। मामले में एसपी संपत उपाध्याय ने एएसपी शहर आयुष गुप्ता और एएसपी क्राइम जितेन्द्र सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की थी।


एएसपी शहर आयुष गुप्ता और एएसपी क्राइम जितेन्द्र सिंह ने बताया कि सोनिया ज्वेलर्स के पीछे गली में जयप्रकाश वार्ड में रहने वाले सुनील कुमार उर्फ भूरा सोनी की विद्यासागर वार्ड में भूरा ज्वेलर्स के नाम से सोना चांदी की दुकान है। 16 दिसंबर की शाम लगभग सवा 7 बजे सुनील और उनका बेटा कान्हा सराफ दुकान बंद कर अपनी मोपेड से दुकान में रखे सोने चांदी के जेवर को चार थैलों में रखकर घर जा रहे थे, जिन्हें रास्ते में सोनिया ज्वेलर्स के मकान के पीछे तीन बाइकों में 6 युवक आए और कट्टे की नोक पर पिता, पुत्र से जैवर के थैले लूटकर ले गए, जब उन दोनों ने विरोध किया, तो आरोपियों ने हथौड़ी से मारपीट कर दी। हमले में सुनील और कान्हा को सिर, हाथ, पैर में चोटें आई थी।


घायल सुनील सोनी और कान्हा सोनी से पूछताछ की गई, जिसमें दोनों ने बताया कि 6 आरोपियों ने 750 ग्राम सोने के जेवर और 12 किलो चांदी के जेवर लूटकर ले गए है। साथ ही भागते समय सुनील को पीठ में गोली मारने की बात कही।


पतासाजी के दौरान एएसपी जोन 2 पल्लवी शुक्ला को सूचना मिली कि प्रकरण के आरोपियों के बारे में सूचना मिली कि, जिसके बाद गोरखपुर सीएसपी एमडी नागोतिया, पनागर टीआई विपिन ताम्रकार की टीम उत्तर प्रदेश भेजा गया। जहां टीम ने जांच की, तो पता चला कि वीरेन्द्र यादव निवासी प्रतापगढ़, दीपक त्रिपाठी निवासी प्रयागराज उत्तरप्रदेश ने अपने साथी गोविन्द पांडे, रवि पासी, रंजीत यादव, सत्यम तिवारी के साथ मिलकर उक्त घटना को अंजाम दिया था। जिसके बाद आरोपियों की तलाश की गई, जिसमें दीपक त्रिपाठी को प्रयागराज से और गोविंद पांडे को नागपुर से गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों को पनागर थाने लाया गया।


दोनों से पूछताछ करने पर दोनों ने बताया कि वीरेन्द्र यादव फरारी के दौरान जबलपुर में आकर रुका था और भूरा ज्वेलर्स की रैकी की थी, वीरेन्द्र के सूचना देने पर चुराई हुई तीन बाइकों से 14 दिसंबर को पतापगढ़ से रवाना होकर 15 दिसंबर की शाम को पनागर आए थे और लूट की योजना बनाई, लेकिन डायल 112 पुलिस के मौके पर आ जाने के कारण लूट को अंजाम नहीं दे सके, इसके बाद 16 दिसंबर की शाम को फिर से लूट की योजना बनाकर घटना को अंजाम दिया।


रिमांड में दोनों आरोपी


आरोपियों ने कथनों के मुताबिक सीएसपी अधारताल, सीएसपी गोरखपुर के निर्देशन में क्राइम ब्रांच की टीम और टीआई और पनागर स्टॉफ के नेतृत्व में इंद्राना के पास बनखेड़ी मनका पहाड़ी के घने जंगल में हिस्सा बटवारे के बाद अपने हिस्से में मिले सोने को जंगल में गड्‌डा खोदकर छिपा दिया। जिसके बाद आरोपी दीपक त्रिपाठी के पास से 98 ग्राम सोने और 1906 ग्राम चांदी और 1 लाख रुपए व घटना में प्रयुक्त बाइक व आरोपी गोविंद के पास से 54 ग्राम सोने और 1104 ग्राम चांदी के जेवर व बाइक जब्त की गई।


प्रकरण का एक आरोपी वीरेन्द्र यादव घटना के बाद पुलिस से बचने के लिए थाना जेठवारा जिला प्रतापगढ़ के एक अन्य अपराध में जिला प्रतापगढ़ न्यायालय में सरेंडर कर दिया जो वर्तमान में जिला जेल प्रतापगढ़ में बंद है जिसका प्रोटेक्शन वारंट प्राप्त कर आरोपी की गिरफ्तारी की प्रकिया प्रारंभ की गई है। आरोपी रवि पासी, सत्यम तिवारी एवं रंजीत यादव की गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना की गई है।


उल्लेखनीय है कि प्रकरण के सभी आरोपी शातिर अपराधी हैं, जिनपर उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में लूट डकैती जैसे गंभीर अपराध दर्ज है।

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