जबलपुर। ब्यौहारबाग स्थित शासकीय कन्या विद्यालय में छात्राओं से सफाई कराने का मामला सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। दीपावली की तैयारियों के दौरान छात्राओं से कचरा उठवाने और नालियों की सफाई करवाने के आरोप लगाए गए हैं। घटना का वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन के तरीके पर सवाल उठाए हैं।
मामले को लेकर एक अभिभावक ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि वे अपनी बेटी को लेने विद्यालय पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी नजर छात्रा पर पड़ी, जो स्कूल परिसर में सफाई कर रही थी। बच्ची को इस तरह काम करते देखकर उन्होंने संबंधित शिक्षिका से आपत्ति जताई। इस बात को लेकर दोनों के बीच बहस हो गई।
अभिभावक का आरोप है कि शिक्षिका ने उनकी बात सुनने और स्थिति स्पष्ट करने के बजाय उन्हें ही फटकार लगा दी। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत शिक्षा विभाग के अधिकारियों से की। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल में स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है, लेकिन इसके लिए छात्राओं से कचरा उठवाना या नालियों की सफाई कराना उचित नहीं है। परिसर की नियमित सफाई की जिम्मेदारी संबंधित कर्मचारियों की होनी चाहिए।
ईको क्लब की गतिविधि बताकर दी गई जानकारी
विवाद सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की ओर से बताया गया है कि विद्यालयों में ईको क्लब के माध्यम से स्वच्छता सप्ताह जैसी गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को साफ-सफाई का महत्व समझाना, कचरे का सही तरीके से निपटान करना और आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए जागरूक करना है।
हालांकि, इस मामले में अभिभावकों का सवाल है कि स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने और बच्चों से वास्तविक सफाई कार्य कराने के बीच अंतर होना चाहिए। खासकर नालियों की सफाई जैसे काम विद्यार्थियों से कराए जाने को लेकर उन्होंने आपत्ति जताई है।
वीडियो वायरल होने के बाद विद्यालय की कार्यप्रणाली और स्वच्छता गतिविधियों के संचालन को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। अब मामले में शिक्षा विभाग की जांच और कार्रवाई पर सबकी नजर है।
