जबलपुर। डुमना एयरपोर्ट पर गुरुवार दोपहर उस समय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं, जब टर्मिनल परिसर में संदिग्ध लावारिस बैग मिलने की सूचना कंट्रोल रूम तक पहुंची। सूचना मिलते ही केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), पुलिस और बम निरोधक दस्ते की टीमें सक्रिय हो गईं। कुछ ही देर में पूरे एयरपोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। यात्रियों और एयरपोर्ट कर्मचारियों के बीच भी हलचल देखने को मिली। हालांकि, बाद में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए आयोजित मॉकड्रिल थी।
दोपहर 1 बजे मिला आपातकालीन संदेश
जानकारी के मुताबिक, दोपहर करीब 1 बजे एयरपोर्ट कंट्रोल रूम को टर्मिनल के अंदर एक संदिग्ध बैग रखे होने का संदेश मिला। इसके बाद सीआईएसएफ, खमरिया थाना पुलिस, पुलिस कंट्रोल रूम और बम निरोधक दस्ते की टीमों ने मोर्चा संभाल लिया। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर में जांच शुरू की और यात्रियों को एहतियातन सुरक्षित दूरी पर रखा गया।
संदिग्ध वस्तु का पता लगाने के लिए खोजी कुत्तों की मदद ली गई। काफी तलाश के बाद डॉग स्क्वायड ने टर्मिनल के अंदर रखे बैग को चिह्नित किया। इसके बाद बम निरोधक दस्ते ने अपने विशेष उपकरणों की मदद से बैग की जांच और उसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने की प्रक्रिया पूरी की।
दोपहर 2:50 बजे मिला ऑल क्लियर सिग्नल
करीब 1 बजकर 50 मिनट तक चली कार्रवाई के बाद दोपहर 2 बजकर 50 मिनट पर स्थिति सामान्य घोषित की गई। ऑल क्लियर का संकेत मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली। इस दौरान एयरपोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी गई।
सुरक्षा तैयारियां परखने के लिए हुआ अभ्यास
अधिकारियों के मुताबिक, एयरपोर्ट पर किसी वास्तविक खतरे की स्थिति नहीं थी। यह पूरी कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों, आपसी तालमेल और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई की क्षमता जांचने के उद्देश्य से आयोजित मॉकड्रिल का हिस्सा थी। अभ्यास के जरिए यह परखा गया कि संदिग्ध वस्तु मिलने की सूचना पर संबंधित टीमें कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से कार्रवाई करती हैं।
