जबलपुर। पवित्र सावन मास का पहला सोमवार 3 अगस्त को पड़ रहा है। भगवान शिव की आराधना के इस विशेष अवसर पर शहर के सभी प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इस बार सावन में कई धार्मिक और ज्योतिषीय संयोग बन रहे हैं, जिनमें 23 साल बाद नागपंचमी का विशेष योग, 35 किलोमीटर की भव्य कांवड़ यात्रा, पार्थिव शिवलिंग पूजन और दो खगोलीय ग्रहण प्रमुख हैं।
पहले सोमवार से शुरू होगी शिव भक्ति की धूम
सावन के पहले सोमवार से शहर के शिवालयों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजन-अर्चन का सिलसिला शुरू हो जाएगा। श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ को जल, बेलपत्र, धतूरा और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करेंगे।
10 अगस्त को निकलेगी 35 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा
सावन के दूसरे सोमवार 10 अगस्त को गौरीघाट से 35 किलोमीटर लंबी भव्य कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। कांवड़िए नर्मदा जल लेकर मटामर पहुंचेंगे और वहां भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। हर वर्ष की तरह इस यात्रा में बड़ी संख्या में शिव भक्तों के शामिल होने की उम्मीद है।
23 साल बाद बनेगा नागपंचमी का दुर्लभ संयोग
17 अगस्त को सावन का तीसरा सोमवार नागपंचमी के साथ पड़ रहा है। ऐसा संयोग वर्ष 2003 के बाद पहली बार बन रहा है। इस अवसर पर मदन महल स्थित शारदा मंदिर सहित कई मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होगी। कालसर्प दोष निवारण और नाग देवता की विशेष आराधना भी कराई जाएगी।
24 अगस्त को होगा पार्थिव शिवलिंग पूजन
सावन के चौथे सोमवार 24 अगस्त को शहर के विभिन्न शिव मंदिरों में पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर विधि-विधान से पूजन और रुद्राभिषेक किया जाएगा। इस दिन श्रद्धालु विशेष अनुष्ठानों में भाग लेकर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
ग्रहण का भारत में नहीं होगा प्रभाव
पंचांग के अनुसार 12 अगस्त को पूर्ण सूर्य ग्रहण तथा 27-28 अगस्त की रात आंशिक चंद्र ग्रहण का योग बनेगा। हालांकि ये दोनों ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे। इसलिए देश में इनका सूतक काल मान्य नहीं होगा और सभी धार्मिक अनुष्ठान सामान्य रूप से संपन्न होंगे।
रक्षाबंधन के साथ होगा सावन का समापन
28 अगस्त को श्रावणी पूर्णिमा और रक्षाबंधन पर्व के साथ सावन मास का समापन होगा। इसी दिन श्रावणी उपाकर्म जैसे धार्मिक अनुष्ठान भी संपन्न होंगे। पूरे महीने चली भगवान शिव की विशेष आराधना का समापन रक्षाबंधन के पावन पर्व के साथ होगा।
इस बार सावन में बन रहे दुर्लभ धार्मिक संयोग, कांवड़ यात्रा और विशेष पूजन को लेकर शिव भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। शहर के प्रमुख शिवालयों में व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और पहले सोमवार को सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है।