जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे के सतर्कता विभाग की ओर से 9 और 10 जुलाई को मुख्यालय जबलपुर में दो दिवसीय सतर्कता प्रदर्शन समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता रेलवे बोर्ड के प्रमुख कार्यकारी निदेशक (सतर्कता) राजेंद्र कुमार सोनी ने की। इसमें रेलवे बोर्ड के सतर्कता निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने पश्चिम मध्य रेलवे सहित विभिन्न रेलवे इकाइयों के सतर्कता कार्यों और प्रदर्शन की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक के उद्घाटन अवसर पर पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने कहा कि भारतीय रेल जैसी बड़ी संस्था में सतर्कता केवल अनियमितताओं को रोकने का माध्यम नहीं, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर कार्यसंस्कृति की आधारशिला है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से ईमानदारी, निष्पक्षता और नियमों का पालन करते हुए कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह की समीक्षा बैठकें विभिन्न रेलवे इकाइयों के बीच बेहतर कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान और संगठनात्मक सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी नीरज कुमार ने कहा कि सतर्कता विभाग का उद्देश्य केवल अनियमितताओं की जांच करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था विकसित करना है जिससे सभी विभागों में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता को मजबूत बनाया जा सके। उन्होंने अधिकारियों से सतर्कता को अपनी कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाने की अपील की।
दो दिनों तक चली इस समीक्षा बैठक में रेलवे बोर्ड के प्रमुख कार्यकारी निदेशक राजेंद्र कुमार सोनी ने विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में नियमित निरीक्षण व्यवस्था को मजबूत बनाने, जांच प्रक्रिया को प्रभावी बनाने, सभी कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, नियमों के अनुसार कार्य निष्पादन, संवेदनशील क्षेत्रों की सतत निगरानी तथा प्रणालीगत सुधारों पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में बनारस लोकोमोटिव वर्क्स, अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ), पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे सहित विभिन्न रेलवे इकाइयों के मुख्य सतर्कता अधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। पश्चिम मध्य रेलवे की ओर से उप मुख्य सतर्कता अधिकारी (इंजीनियर) सौरभ कुमार, उप मुख्य सतर्कता अधिकारी (स्टोर) मनोज कुमार महावर, उप मुख्य सतर्कता अधिकारी (ट्रैफिक) धनराज सिंह जाटव, सहायक सतर्कता अधिकारी (लेखा) अजय श्रीवास्तव, सहायक सतर्कता अधिकारी (सिग्नल एवं दूरसंचार) अमरदीप खरे सहित सतर्कता विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
बैठक का समापन उप मुख्य सतर्कता अधिकारी (ए एंड पी) अनिल कुमार तिवारी के आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की समीक्षा बैठकों से रेलवे की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी तथा भविष्य में भी सतर्कता संबंधी व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाएगा।