नई दिल्ली। फुटबॉल विश्व कप के पहले सेमीफाइनल में स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फ्रांस को 2-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। आर्लिंगटन के एटी एंड टी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में स्पेन ने शुरुआत से ही खेल पर नियंत्रण बनाए रखा और अपनी आक्रामक रणनीति के साथ मजबूत रक्षा का भी बेहतरीन प्रदर्शन किया।
मैच के 22वें मिनट में स्पेन को पेनल्टी मिली, जिसे मिकेल ओयारजाबल ने गोल में बदलकर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद दूसरे हाफ के 58वें मिनट में पेड्रो पोरो ने शानदार गोल कर बढ़त को दोगुना कर दिया। पूरे मुकाबले में स्पेन ने गेंद पर लगभग 56 प्रतिशत समय तक कब्जा बनाए रखा और फ्रांस को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
स्पेन की मजबूत रक्षा के आगे बेबस दिखी फ्रांस
स्पेन की रक्षा पंक्ति ने पूरे मैच में शानदार प्रदर्शन किया। फ्रांस के स्टार खिलाड़ी किलियन एम्बाप्पे समेत पूरी टीम कई प्रयासों के बावजूद स्पेन की डिफेंस लाइन को नहीं भेद सकी। युवा खिलाड़ी लामिन यमाल ने भी अपने तेज खेल और शानदार मूव्स से फ्रांसीसी खिलाड़ियों को लगातार परेशान किया। हालांकि उनका एक गोल ऑफसाइड के कारण रद्द हो गया।
कोच डिडिएर डेसचैंप्स ने दूसरे हाफ में कई बदलाव किए, लेकिन स्पेन के अनुशासित खेल के सामने फ्रांस की कोई रणनीति सफल नहीं हो सकी।
अब खिताब पर स्पेन की नजर
इस जीत के साथ स्पेन ने 2010 के बाद पहली बार विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई है। अब 19 जुलाई को मियामी में होने वाले फाइनल में उसका मुकाबला अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच खेले जाने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।
स्पेन की टीम टूर्नामेंट में अब तक शानदार लय में रही है और पूरे अभियान में केवल एक गोल ही खाया है। ऐसे में खिताबी मुकाबले में भी टीम से दमदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।