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डीएनए रिपोर्ट से हुई गीता राजपाल की पहचान, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

 




जबलपुर। मदनमहल क्षेत्र से जनवरी माह में लापता हुई युवती गीता राजपाल की पहचान आखिरकार डीएनए रिपोर्ट के जरिए हो गई है। शहपुरा थाना क्षेत्र में नर्मदा नदी किनारे क्षत-विक्षत हालत में मिले शव की डीएनए जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि शव गीता राजपाल का ही था। मामले में परिजनों ने दो युवकों पर हत्या का संदेह जताते हुए निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।

पुलिस के अनुसार मदनमहल क्षेत्र निवासी गीता राजपाल 18 जनवरी को घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने अपने स्तर पर उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद 20 जनवरी को मदनमहल थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

इसी बीच 29 जनवरी को शहपुरा थाना क्षेत्र में नर्मदा नदी किनारे एक युवती का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था। शव की हालत बेहद खराब होने के कारण उसकी पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस को शव की कद-काठी गुमशुदा गीता राजपाल से मिलती-जुलती लगी, जिसके बाद पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया था।

कई महीनों बाद आई डीएनए रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि बरामद शव गीता राजपाल का ही है। रिपोर्ट सामने आने के बाद परिजन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा से मिले और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

परिजनों का आरोप है कि गीता की हत्या कर उसके शव को नर्मदा नदी में फेंका गया था, ताकि उसकी पहचान न हो सके और साक्ष्य मिटाए जा सकें। उन्होंने दो युवकों पर संदेह जताते हुए पुलिस से मामले की गहन जांच करने की मांग की है।

पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित थाना पुलिस को सभी पहलुओं की जांच करने के निर्देश दिए हैं। अब पुलिस गीता के संपर्कों, कॉल डिटेल, घटनाक्रम और परिजनों द्वारा बताए गए संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

मामले में डीएनए रिपोर्ट से पहचान होने के बाद जांच को नई दिशा मिली है। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी तथा यदि हत्या के प्रमाण मिलते हैं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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