जबलपुर। मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग की ऑनलाइन स्वैच्छिक तबादला प्रक्रिया में तकनीकी समस्याओं और नए नियमों के कारण शिक्षकों की परेशानी बढ़ गई है। 24 जून को आवेदन की अंतिम तारीख होने से जबलपुर संभाग सहित पूरे प्रदेश के हजारों शिक्षकों में चिंता और नाराजगी का माहौल है।
शासकीय शिक्षक संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कौशल ने बताया कि ट्रांसफर पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतों के साथ ही पति-पत्नी श्रेणी में आवेदन करने वाले शिक्षकों के लिए अचानक विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र अनिवार्य कर दिया गया है। जबकि मूल तबादला नीति में इस दस्तावेज को अपलोड करने का प्रावधान नहीं था।
मैरिज सर्टिफिकेट की शर्त से बढ़ी मुश्किलें
अचानक लागू किए गए इस नियम के कारण कई शिक्षक दंपति आवेदन पूरा नहीं कर पा रहे हैं। अधिकांश कर्मचारियों के पास यह प्रमाण पत्र तत्काल उपलब्ध नहीं होने से ट्रांसफर फॉर्म सबमिट करने में परेशानी आ रही है।
ई-अटेंडेंस और अन्य शर्तें भी बनी बाधा
शिक्षकों का कहना है कि केवल विवाह प्रमाण पत्र ही नहीं, बल्कि 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता, जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों के तबादले पर रोक और तीन वर्ष की न्यूनतम सेवा अवधि जैसी शर्तों के कारण भी कई पात्र शिक्षक तबादला प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं।
शिक्षक संगठन ने विभाग से मांग की है कि पोर्टल की तकनीकी खामियों को तत्काल दूर किया जाए और आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए, ताकि कोई भी शिक्षक तबादला प्रक्रिया से वंचित न रह जाए।