रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर पूरे देश में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। विभिन्न राज्यों के नेताओं ने महान वीरांगना के साहस, पराक्रम, स्वाभिमान और देशभक्ति को याद करते हुए कहा कि उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई स्वतंत्रता संग्राम की महानायिका और भारतीय नारी शक्ति की अमर प्रतीक हैं। अंग्रेजी शासन के खिलाफ उनका संघर्ष और मातृभूमि के लिए दिया गया सर्वोच्च बलिदान सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रानी लक्ष्मीबाई को प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की अमर वीरांगना बताते हुए उनके बलिदान दिवस पर शत-शत नमन किया। उन्होंने कहा कि मातृभूमि की आजादी के लिए उनका त्याग और शौर्य भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई का अद्वितीय साहस, शौर्य और देश के प्रति समर्पण भारतीय इतिहास के स्वर्णिम अध्यायों में शामिल है। उनका जीवन हर भारतीय को राष्ट्रभक्ति और मातृभूमि की सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी रानी लक्ष्मीबाई को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका संघर्ष, साहस और स्वाभिमान आज भी देश के हर नागरिक के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देकर वीरता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। उनका शौर्य और त्याग सदैव भारतीयों के हृदय में राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करता रहेगा।
1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों के खिलाफ अदम्य साहस के साथ युद्ध किया था। उनका जीवन और बलिदान आज भी देश की महिलाओं और युवाओं के लिए साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रप्रेम की मिसाल बना हुआ है।