जबलपुर। शहर में लगातार बढ़ रही अवैध और अनियंत्रित होर्डिंग व यूनिपोल की संख्या को लेकर नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने चिंता जताई है। मंच के पदाधिकारियों ने नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर विज्ञापन पटल बढ़ाने संबंधी हालिया प्रशासनिक निर्णयों पर पुनर्विचार की मांग की है।
मंच के प्रमुख पदाधिकारियों डॉ. पी.जी. नाजपांडे, रजत भार्गव, एडवोकेट वेदप्रकाश अधौलिया, सुशीला कनौजिया और गीता पांडे का कहना है कि बिना उचित योजना के शहर में होर्डिंग और यूनिपोल बढ़ाने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है। उनका कहना है कि पूर्व में भी शहर में होर्डिंग से जुड़े हादसे सामने आ चुके हैं, इसके बावजूद इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
नियमों के पालन को लेकर उठाए सवाल
नागरिक मंच के अनुसार, आउटडोर विज्ञापन मीडिया नियम 2017 के तहत तय मानकों का कई स्थानों पर पालन नहीं किया जा रहा है। पहले की शिकायतों के आधार पर नगर निगम द्वारा एक जांच दल गठित किया गया था, जिसने अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी थी, लेकिन रिपोर्ट के बाद भी अब तक दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
दुर्घटनाओं की आशंका को लेकर चिंता
मंच ने कहा कि सड़क किनारे लगे बड़े यूनिपोल आम लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं। उन्होंने शहर में हुए पुराने हादसों का उल्लेख करते हुए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है।
मंच ने सरकार से अपील की है कि राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और होर्डिंग संबंधी नीतियों को जमीनी परिस्थितियों के अनुसार लागू किया जाए।